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पुश्तैनी भूमि पर जबरन पौधारोपण का आरोप, आदिवासी किसानों ने की कलेक्टर से न्याय की मांग

डेस्क न्यूज़ 15 October, 2025 अन्य

नीमच | सिंगोली तहसील के ग्राम बाणदा निवासी भील समाज के पांच आदिवासी किसानों ने वन विभाग के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी पुश्तैनी कृषि भूमि पर जबरन कब्जा कर वहां पौधारोपण किया जा रहा है। इस संबंध में किसानों ने जिला कलेक्टर को संयुक्त रूप से आवेदन सौंपा और अपनी जमीन का कब्जा वापस दिलाए जाने की मांग की।

आवेदन में किसान कजोड़, माधु, चेनराम, गेंदमल और सोहनलाल ने बताया कि वे अपने दादाजी तेजा के नाम से जारी पट्टे की भूमि पर पीढ़ी दर पीढ़ी खेती कर आजीविका चला रहे हैं। किसानों ने राजस्व विभाग के रिकॉर्ड, खसरा और सर्वे नंबरों का हवाला देते हुए दावा किया कि उक्त भूमि पर उनका वैध और पारंपरिक अधिकार है।

किसानों का कहना है कि उन्होंने हाल ही में भूमि को समतल कर उस पर पत्थर की बाउंड्री भी तैयार की थी, ताकि खेती सुचारु रूप से की जा सके। लेकिन आरोप है कि वन विभाग के कर्मचारियों ने बिना किसी पूर्व सूचना के न केवल बाउंड्री को तोड़ दिया, बल्कि जबरन पौधारोपण शुरू कर दिया।

किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उन्हें डराया-धमकाया गया और झूठे प्रकरण में फंसाने की चेतावनी दी गई। इससे आदिवासी समुदाय में भय और असंतोष का माहौल है।

पीड़ित किसानों ने कलेक्टर से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी कर्मचारियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें उनकी पुश्तैनी भूमि का कब्जा पुनः दिलाया जाए, ताकि वे अपनी आजीविका सुरक्षित रूप से चला सकें।

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