डेस्क न्यूज
11 October, 2025
अपराध
नीमच। प्रदीप राठौर की आत्महत्या के मामले में शनिवार को सेन समाज के लोग आक्रोशित हो न्याय की मांग को लेकर सडकों पर उतर आए। समाज के सदस्य बड़ी संख्या में सेन सर्कल पर एकत्रित हुए और कुछ ही देर में पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक रैली निकाल कर ज्ञापन सौंपने की तैयारी में हैं। मामला तब उजागर हुआ जब नीमच निवासी प्रदीप राठौर ने 9 अक्टूबर की रात कथित रूप से धर्मेन्द्र परिहार द्वारा दी जा रही धमकियों और आर्थिक उत्पीड़न से तंग आकर आत्महत्या कर ली। समाजजनों का आरोप है कि धर्मेन्द्र परिहार और उसके सहयोगी जगदीश प्रजापति ने प्रदीप से फर्जी कर्ज वसूली और मकान हड़पने का षड्यंत्र रचा था।
कर्ज से शुरू हुआ उत्पीड़न
जानकारी के अनुसार, प्रदीप राठौर ने वर्ष 2020 में धर्मेन्द्र परिहार से ₹4 लाख 10-15 प्रतिशत मासिक ब्याज पर उधार लिए थे। ब्याज सहित दोगुना पैसा लौटाने के बाद भी आरोपी लगातार धमकाता रहा। कथित तौर पर आरोपी ने प्रदीप से कहा था – “रूपये नहीं दे सकता तो मर जा, तभी छुटकारा मिलेगा।
”दिसंबर 2024 में धर्मेन्द्र अपने परिचित जगदीश प्रजापति को लेकर आया और प्रदीप पर दबाव डाल कर मकान बेचने का अनुबंध करवा लिया। समाजजनों के अनुसार, प्रदीप को अनुबंध के एवज में केवल ₹5 लाख मिले, जबकि बाकी राशि कभी नहीं दी गई।
प्रदर्शन: जांच की मांग
शनिवार को सेन समाज के लोग बड़ी संख्या में सेन सर्कल पर एकत्रित हुए। उनके हाथों में बैनर और तख्तियाँ थीं, जिन पर लिखा था – “प्रदीप को न्याय दो, दोषियों को सजा दो।” समाज के अध्यक्ष सुखलाल सेन और युवा अध्यक्ष चमन सेन के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल जल्द ही एसपी ऑफिस पहुंचकर ज्ञापन सौंपेगा।समाज का कहना है कि प्रदीप राठौर की आत्महत्या किसी निजी निर्णय का परिणाम नहीं बल्कि कर्ज, धमकियों और मानसिक प्रताड़ना की परिणति है, जिसके दोषियों को कठोर दंड मिलना चाहिए।