डेस्क न्यूज़
09 October, 2025
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नीमच | न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, अंकित जैन (नीमच) की अदालत ने गौ-तस्करी के गंभीर प्रकरण में दो आरोपियों – मुजफ्फर पिता खलील खां (उम्र 42 वर्ष) तथा सरफराज पिता युनुस खां (उम्र 27 वर्ष), दोनों निवासी गाड़ीखाना, तहसील जावरा, जिला रतलाम – को दोषी पाते हुए 06-06 माह के सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड से दंडित किया है।
अदालत ने आरोपियों को मप्र गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम, 2004 की धारा 6/9 के अंतर्गत प्रत्येक को 6 माह का सश्रम कारावास व ₹5000-₹5000 का जुर्माना, पशुक्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11(डी) के अंतर्गत ₹50-₹50 का जुर्माना, तथा मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 146/196 के अंतर्गत ₹1000 का जुर्माना और धारा 3/181 के अंतर्गत ₹500 का जुर्माना लगाया।
8 साल पुराने मामले में आया निर्णय
प्रकरण की जानकारी देते हुए शासन की ओर से पैरवी कर रहे एडीपीओ पारस मित्तल ने बताया कि यह मामला दिनांक 11 अक्टूबर 2017 की रात्रि लगभग 12:45 बजे का है, जब महू-नीमच हाईवे पर जैतपुरा फंटा क्षेत्र में गौ-तस्करी की सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की थी।
पुलिस निरीक्षक आई.के. तिवारी को प्राप्त सूचना के आधार पर जब मौके पर पहुंचकर एक टाटा 407 वाहन की जांच की गई, तो उसमें पीछे की ओर त्रिपाल से ढंककर क्रूरता से ठूंसी हुई 8 गायें (कैड़े) बरामद हुईं। पशुओं के लिए वाहन में न हवा, न पानी, न चारे की कोई व्यवस्था थी।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गौवंश को राजस्थान से लाकर महाराष्ट्र के धुले वधशाला ले जा रहे थे। मौके पर ही दोनों को गिरफ्तार कर वाहन सहित कैड़ों को जब्त किया गया तथा नीमच सिटी थाने में प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में अभियोग-पत्र प्रस्तुत किया गया।
प्रबल साक्ष्यों के आधार पर सजा
विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा जप्ती अधिकारी, विवेचक, पंचसाक्षी सहित सभी महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज कराते हुए अपराध को संदेह से परे सिद्ध किया गया। अदालत ने आरोपियों को दोषी पाते हुए कठोर सजा सुनाई।
प्रकरण में शासन की ओर से प्रभावशाली पैरवी पारस मित्तल, एडीपीओ द्वारा की गई।