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भाटखेड़ी पंचायत भूमि घोटाला: पटवारी पर अवैध कब्जे और मोटी रकम लेकर पट्टे बांटने के आरोप

डेस्क न्यूज़ 16 September, 2025 अपराध

नीमच। तहसील मनासा की ग्राम पंचायत भाटखेड़ी में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे और पट्टे वितरण में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि तात्कालिक पटवारी ने मोटी रकम लेकर निजी लोगों के नाम से शासकीय भूमि पर फर्जी पट्टे जारी कर दिए हैं, जबकि जिन लोगों का वर्षों से गुमटी और अस्थाई व्यवसाय के रूप में कब्जा है, उन्हें योजना से वंचित रखा गया है।ग्राम पंचायत भाटखेड़ी की भूमि सर्वे नंबर 1268 एस, रकबा 13.18 हेक्टेयर में पंचायत भवन और विधायक निधि से निर्मित डोम मौजूद है। इसके सामने स्थित शासकीय भूमि पर लंबे समय से गुमटियां और अस्थाई शेड लगाकर छोटे व्यवसाय किए जा रहे हैं। पंचायत ने यहां दुकान निर्माण का प्रस्ताव भी पारित किया था।ग्रामीणों का कहना है कि हाल ही में शासन की योजना अनुसार आबादी भूमि का सर्वे कर भूस्वामी अधिकार दिए गए, उसी दौरान पटवारी ने हेरफेर कर सर्वे नंबर 1268 बी की भूमि के खसरा नंबर 1469 पी (43 वर्गमीटर) और 1473 पी (83 वर्गमीटर) पर कुछ व्यक्तियों—जिनमें मगनीबाई, पार्वतीबाई, मंगलाबाई, शहनाज बी, निशा, राधाबाई और आशाबाई शामिल हैं—के नाम दर्ज करवा दिए। आरोप है कि इन सभी के पहले से निजी मकान हैं और कुछ शासकीय सेवा में कार्यरत भी हैं। मौके पर इनका वास्तविक कब्जा नहीं है, बावजूद इसके मोटी रकम लेकर उनके नाम भूमि दर्ज कर दी गई।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि अगर वाकई पात्र लोगों को पट्टे दिए जा रहे हैं तो उन गुमटीवालों को क्यों नजरअंदाज किया गया है, जिनका वर्षों से वास्तविक कब्जा है। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि या तो उन्हें भी पट्टे जारी किए जाएं अथवा अब तक दिए गए सभी फर्जी पट्टे निरस्त किए जाएं।ग्रामवासियों का आरोप है कि पटवारी की मिलीभगत से यह बड़ा राजस्व घोटाला किया गया है, जिससे वास्तविक लाभार्थियों के अधिकार छीने गए हैं। ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। 

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