डेस्क न्यूज़
31 August, 2025
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मंदसौर | रोबोटिक्स और एआई के दावों के बीच मंदसौर जिले के आंतरी खुर्द गांव की बेटियां पढ़ाई के लिए रोज मौत से जूझती हैं। यहां से 25 से ज्यादा बच्चे नीमच जिले के आंतरी बुजुर्ग स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जाते हैं। इसके लिए उन्हें चंबल नदी का तीन किमी चौड़ा उफान नाव से पार करना पड़ता है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि विद्यालय प्रबंधन ने अभिभावकों से 50 रुपए के स्टाम्प पेपर पर लिखवा लिया है- अगर हादसा हुआ तो जिम्मेदारी स्कूल की नहीं होगी। सवाल उठता है कि क्या मासूमों की जान की कीमत सिर्फ एक स्टाम्प जितनी रह गई है? मामला डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के विधानसभा क्षेत्र का है। मगरमच्छों से भरी नदी में न लाइफ जैकेट है, न बचाव दल, न सुरक्षा गाइड। प्रशासन ने नावों की फिटनेस तक जांचना जरूरी नहीं समझा।
अफसरों की सफाई... कलेक्टर अदिति गर्ग ने कहा- ‘मामला दिखवाया जाएगा।’ बीईओ बद्रीलाल चौहान बोले- ‘बच्चे अपनी सुविधा से जाते हैं। अभी सीएम राइज स्कूलों तक ही परिवहन की व्यवस्था है।’