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धार्मिक स्थल पर पथवारी तोड़ने का मामला, ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय में किया प्रदर्शन, धार्मिक भावनाएँ भड़काने के आरोप 

डेस्क न्यूज़ 12 August, 2025 अपराध

नीमच।  ग्राम सेमली इस्तमुरार, तहसील मनासा के ग्रामीणों ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर धार्मिक स्थल पर स्थित पथवारी तोड़े जाने और पेड़ों की कटाई के विरोध में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और धार्मिक स्थल के पुनर्निर्माण की मांग की।ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम में गौरा बाउजी का स्थान स्थित है,जिसके पास खाली भूमि पर सभी समाज की पथवारी बनी हुई थी।दिनांक 07 अगस्त 2025 की रात्रि में गांव के ही लगभग 30 से अधिक लोगों ने मिलकर पथवारी को तोड़ दिया,गौरा बाउजी के स्थान को क्षतिग्रस्त कर दिया और वर्षों पुराने वटवृक्ष(बरगद) व पीपल के पेड़ को काट दिया।ग्रामीणों के अनुसार, इन पेड़ों पर मोरों का बसेरा था और घटना के दौरान कई मोरों को मार दिया गया। यह कार्य ग्रामीणों की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने वाला है।ग्रामीणों ने आरोपियों के नाम भी ज्ञापन में दर्ज कराए, जिनमें मुलचन्द्र,महेश, नोहंराम,घनश्याम, प्रहलाद,रमेश,बाबूलाल, जगदीश,पुष्कर,किशोर, शौकिन,अर्जुन,अशोक, कैलाश,राकेश,जितेन्द्र, मदन,प्रकश,गोविन्दराम, अशोक,दशरथ,सुरेश, तुलसीराम,विनोद, रामनिवास,शांतिलाल, महेश,भरत,परमेश्वर, विनेश,सुनील समेत कई ग्रामीण शामिल हैं।घटना की शिकायत ग्रामवासियों द्वारा पहले ही पुलिस थाना कुकड़ेश्वर में दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।ग्रामीणों ने मांग की कि दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए,धार्मिक स्थल और पथवारी का पुनः निर्माण कराया जाए,वहां की जमीन को सुरक्षित किया जाए और मोरों के संरक्षण के लिए विशेष कदम उठाए जाएं।ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन को और उग्र रूप देंगे।ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री को भी भेजी गई है। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं और बुजुर्ग भी मौजूद रहे।
 

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