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सच्चा रिश्ता खून से नहीं, बल्कि भावनाओं और अपनत्व से बनता है, वृद्धाश्रम पर रक्षाबंधन पर देखने को मिला मार्मिक दृश्य

डेस्क न्यूज़ 09 August, 2025 धार्मिक

नीमच। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर मध्यप्रदेश के नीमच जिले में स्थित रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा संचालित वृद्धाश्रम में स्नेह और अपनत्व का अद्भुत संगम देखने को मिला। यहां आश्रय ले रहे 3 पुरुष और 6 महिला वयोवृद्धों ने आपस में रक्षा सूत्र बांधकर एक-दूसरे की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की।रक्षाबंधन कार्यक्रम में बुजुर्ग महिलाओं ने तिलक लगाकर बुजुर्ग भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और मिठाई खिलाकर भाई-बहन के रिश्ते की मिठास को संजोया। इस भावुक पल में कई आंखें नम हो गईं। वृद्धाश्रम में रह रहे कई बुजुर्गों की कहानी मार्मिक है — कोई बेटे-बहू द्वारा घर से निकाले जाने के बाद यहां आकर शरण लिए हुए है, तो कोई जीवनसंगिनी के साथ छोड़ जाने के बाद अकेला हो गया। इनमें कुछ ने जिंदगी भर किसानी की, तो कुछ ने कारपेंटर का काम कर अपने परिवार का पालन-पोषण किया, लेकिन बुढ़ापे में सहारा न मिलने पर उन्हें वृद्धाश्रम ही अपना घर बनाना पड़ा।नीमच रेड क्रॉस वृद्ध आश्रम कलेक्टर हिमांशु चंद्रा,  प्रशासक सीईओ अमन वैष्णव, मयूरी जोक   के निर्देशन में यह वर्द्धाश्रम संचालित है व अधीक्षिका खुमान कुंवर के देखरेख में रह रहे व्योवर्द्धों ने रक्षाबंधन सहित सभी पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। ऐसे आयोजनों से यहां रहने वाले बुजुर्गों के जीवन में नई ऊर्जा भरते हैं, क्योंकि यह उन्हें परिवार और समाज से जुड़ाव का एहसास कराते हैं। रक्षाबंधन के इस आयोजन ने सभी वयोवृद्धों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी और यह संदेश दिया कि सच्चा रिश्ता खून से नहीं, बल्कि भावनाओं और अपनत्व से बनता है।
नीमच रेड क्रॉस सोसाइटी वृद्ध आश्रम कोऑर्डिनेटर सुनील कुमार तिवारी ने बताया कि नीमच रेड क्रॉस वृद्ध आश्रम कलेक्टर हिमांशु चंद्रा,  प्रशासक सीईओ अमन वैष्णव, मयूरी जोक   के निर्देशन में यह वर्द्धाश्रम संचालित है व अधीक्षिका खुमान कुंवर के देखरेख में रह रहे व्योवर्द्धों ने आज यहां रक्षाबंधन पर्व मनाया है। यहां पर जो भी पर्व है वह इसी तरह से मनाया जाता है, जिससे इन लोगों को यहाँ एक पारिवारिक माहौल यहां मिले। यहां अभी वर्तमान में बुजुर्ग महिलाओं ने यहां आश्रयरत बुजुर्ग भाइयों को अपना भाई मानती है। आज उन्हें राखी बांधकर उनको तिलक लगाकर एक दूसरे की लंबी उम्र की कामना की। 
 इंदौर से यहां आकर रहने वाले कैलाश खेर ने बताया कि मुझे मेरे बच्चों ने मार कर पीट कर घर से बाहर निकाल दिया था, उसके बाद में यहां वृद्ध आश्रम आ गया था करीब एक वर्ष मुझे यहां पर हो चुके हैं। आज यहां पर यहां की बहनों के साथ राखी बना रहे हैं और बहुत अच्छा लग रहा है। मेरे परिवार में दो बच्चे हैं मेरी मिसेज है और मैं कारपेंटर का काम करता था मुझे लकवा होने के बाद मेरे साथ झगड़ा किया मेरे साथ मारपीट की फिर मुझे घर से बाहर निकाल दिया गया उसके बाद से मैं यहां आकर रह रहा हूं यहां पर बहुत अच्छा माहौल मिला है और आज हम सब ने यहां पर राखी का आयोजन किया है।
पति के देहांत के बाद नीमच के रेड क्रॉस वृद्ध आश्रम में रह रही शारदा देवी शर्मा ने बताया कि मेरे पति का देहांत होने के बाद से मैं बेघर हो गई थी तो यहां रेड क्रॉस वृद्धाश्रम पर आ गई और यही रह रही हूं। आज यहां पर वृद्ध आश्रम के भाइयों को राखी बांधकर काफी अच्छा लगा एक दूसरे को राखी बांधी बहुत खुशी मिली।

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