डेस्क न्यूज
23 June, 2025
अपराध
जावद। नीमच जिले के जावद में एक मामले में पुलिस से कारवाई करवाने के एवज में महिला से 1.50 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। महिला द्वारा रतनगढ़ थाने में प्रकरण दर्ज करवाया गया और न्यायालय में प्रकरण चला तो अब आरोपी को एक वर्ष की सजा सुनाई गई है।
एसपी ऑफिस से निकल फरियादी से बोला पैसे लगेंगे
प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी करने वाले एडीपीओ योगेश कुमार तिवारी द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि दिनांक 31 जनवरी 2024 को फरियादिया शिमला ने थाना रतनगढ़ में एक आवेदन-पत्र दिया जिसके अनुसार उसके काका ससुर के पोते से हुवे विवाद की रिपोर्ट लिखवाने के लिए वह उसकी ननद ममता के साथ नीमच कोर्ट गई थी। जहाँ पर उसको आरोपी श्यामसिंह मिला जिसको उसकी ननद पहचानती थी। आरोपी ने फरियादीया का आवेदन टाईप करवाकर महिला थाने पर दिलवाया और वह फरियादीया के साथ एसपी ऑफिस गया। उस वक्त नीमच में अमित कुमार तोलानी नीमच पुलिस अधीक्षक के पद पर पदस्थ थे। श्यामसिंह अकेला ऑफिस के अंदर गया और इस तरह से जताया की उसकी अधिकारी से बात हो गई। बाहर आकर फरियादीया से बोला की आपके आवेदन पर कार्यवाही करने के लिये 5 हजार रूपये देना होंगे, जिस पर से फरियादीया ने आरोपी को 5000रू. दे दिये।
थोड़े-थोड़े कर 1.52 लाख ऐंठ लिए
इसी प्रकार आगे कार्यवाही किये जाने के नाम पर समय-समय पर आरोपी द्वारा फरियादीया से रूपयों की मांग की गई, जिस पर से फरियादीया शिमला द्वारा बैंक से निकालकर व मंगलसुत्र को गिरवी रखकर रूपयों की व्यवस्था की। जिसके बाद नगद व फोनपे के माध्यम से कुल 1,52,000 रुपये आरोपी श्याम को दिए गये। रुपये देने के बावजूद पुलिस कार्यवाही नहीं होने से फरियादीया द्वारा आरोपी के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने के लिये आवेदन थाना रतनगढ़ में दिया गया। फरियादीया द्वारा दिये गये आवेदन पर कार्यवाही करते हुवे रतनगढ़ पुलिस द्वारा आरोपी के विरूद्ध FIR पंजीबद्ध की जाकर आरोपी को गिरफ्तार किया गया व आवश्यक अनुसंधान उपरांत अभियोग-पत्र जावद न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
जावद न्यायालय ने सुनाई सजा
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, जावद श्रीमती शुभा रिछारिया दीक्षित द्वारा पुलिस कार्यवाही कराये जाने के नाम पर महिला से 1,52,000 रुपये की ठगी करने वाले आरोपी श्यामसिंह पिता परथेसिंह राजपूत, उम्र 53 वर्ष, ग्राम-चीताखेड़ा, जिला-नीमच को धारा 420 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 01 वर्ष के सश्रम कारावास व 1000 रूपये का अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
शासन की ओर से एडीपीओ योगेश कुमार तिवारी की सफल पैरवी
विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से न्यायालय में फरियादीया सहित सभी महत्वपूर्ण गवाहों के बयान करवाकर छल किये जाने के अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराते हुवे आरोपी को कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया। जिस पर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया गया । प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी योगेश कुमार तिवारी, एडीपीओ द्वारा की गई।