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योग दिवस स्पेशल ! आनंद और उत्साह के साथ योग का सफर : 10 वर्षों में 4 लोगों से 150 सदस्यीय परिवार बना 'आनंदो'

डेस्क न्यूज़ 21 June, 2026 अन्य

नीमच। द वॉचमैन पोस्ट - स्वस्थ शरीर, सकारात्मक सोच और सामाजिक सरोकारों को एक साथ जोड़ने का सपना जब कुछ युवाओं ने वर्ष 2016 में देखा, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यह छोटी-सी पहल एक दिन शहर के सबसे सक्रिय योग परिवारों में शामिल हो जाएगी। आज "आनंदो" केवल एक योग ग्रुप नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, आनंद, परिवार, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सहभागिता की मिसाल बन चुका है।

वर्ष 2016 में रवि दुआ, संदीप बंसल और उनके साथियों ने स्वयं को योग से जोड़ने तथा जीवन में आनंद और उत्साह बनाए रखने के उद्देश्य से इस समूह की शुरुआत की थी। उस समय केवल चार-पांच सदस्य थे, लेकिन योग के साथ सकारात्मक गतिविधियों और अनुशासित जीवनशैली ने लोगों को इतना प्रभावित किया कि आज यह परिवार 150 से अधिक सदस्यों और उनके परिवारों तक पहुंच चुका है।

योग के साथ खुशहाल जीवन का संदेश

आनंदो के संस्थापक सदस्य रवि दुआ बताते हैं कि उनका उद्देश्य केवल योग सिखाना नहीं था, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, अनुशासन और खुशियां लाना था। इसी सोच के साथ योग के अलावा डांस, मनोरंजक गेम्स, साइक्लिंग, सामाजिक गतिविधियां, पारिवारिक मिलन, धार्मिक आयोजन और धार्मिक यात्राओं जैसे कई प्रकल्प शुरू किए गए। इन गतिविधियों ने लोगों को न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाया, बल्कि आपसी रिश्तों को भी मजबूत किया।

रोजाना सिखाए जाते हैं स्वस्थ जीवन के गुर

आनंदो में प्रतिदिन आयोजित होने वाली योग कक्षाओं में अलग-अलग वैरिएशन के साथ विभिन्न प्रकार की वॉक, योग, प्राणायाम, ध्यान, योग एरोबिक्स, जुम्बा, योग निद्रा और मेडिटेशन कराया जाता है। इसके साथ ही कमर दर्द, स्लिप डिस्क, घुटनों के दर्द और सर्वाइकल जैसी समस्याओं से राहत के लिए विशेष थेरेपी एक्सरसाइज भी कराई जाती हैं।

कक्षाओं में फेस योग का भी नियमित अभ्यास कराया जाता है, जिससे चेहरे की मांसपेशियां सक्रिय रहती हैं और प्राकृतिक सौंदर्य के साथ मानसिक तनाव भी कम होता है। इन नियमित अभ्यासों के माध्यम से सभी सदस्यों को स्वस्थ, ऊर्जावान और क्रियाशील रहने के व्यावहारिक गुर सिखाए जाते हैं।

महिलाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण

वर्ष 2020 में कोविड काल के दौरान महिलाओं का एक अलग समूह आनंदो परिवार से जुड़ा, जो आज भी लगातार सक्रिय है। इस समूह को इंटरनेशनल योगा स्कूल (IYS) से प्रशिक्षित सोनिया दुआ योग, प्राणायाम और मेडिटेशन का प्रशिक्षण देती हैं। सोनिया दुआ ने फेस योग और मेडिटेशन में भी विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है।

उनके साथ रितिका लालवानी और नेहा सुगंधी भी महिलाओं को योग, प्राणायाम, जुम्बा, मेडिटेशन और फेस योग का नियमित प्रशिक्षण देकर उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखने का कार्य कर रही हैं।

किलेश्वर मंदिर बना योग साधना का केंद्र

ग्रुप के सदस्य संदीप बंसल बताते हैं कि किलेश्वर मंदिर समिति में योग गतिविधियों के लिए एक अलग ही प्लेटफार्म बना हुआ है। आज यही परिसर आनंदो की सभी नियमित गतिविधियों का केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग योग और प्राणायाम के माध्यम से स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।

'हैप्पी ट्री' अभियान से हरियाली की मिसाल

आनंदो का पर्यावरण संरक्षण अभियान "हैप्पी ट्री" भी लोगों के बीच खास पहचान बना चुका है। इस अभियान के तहत हर वर्ष सैकड़ों पौधे लगाए जाते हैं और उनकी देखभाल परिवार के सदस्य की तरह की जाती है। किलेश्वर मंदिर परिसर में आज लहलहाते वृक्ष इस अभियान की सफलता का जीवंत प्रमाण हैं।

सक्रिय सदस्यों की मेहनत से बढ़ता गया कारवां

ग्रुप की गतिविधियों को सफल बनाने में मनीष गोयल, योगेश गोयल, संदीप बंसल, पुनीत वर्मा, बंटी सेन और मनोज जैन, भरत ढींगरा, अनिल वर्मा,दिलीप वर्मा, सुनील अग्रवाल जैसे सक्रिय सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ये सदस्य प्रत्येक आयोजन और सामाजिक अभियान में पूरी जिम्मेदारी निभाते हैं तथा नए लोगों को भी योग और स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ने के लिए प्रेरित करते हैं।

20 से 60 वर्ष तक के सदस्य, एक परिवार जैसी पहचान

आनंदो की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पारिवारिक संस्कृति है। यहां 20 वर्ष से लेकर 60 वर्ष तक के पुरुष और महिलाएं एक साथ योग करते हैं, सामाजिक गतिविधियों में भाग लेते हैं और एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनते हैं। यही आत्मीयता इस समूह को एक बड़े परिवार का स्वरूप देती है।

योग से समाज सेवा तक का सफर

पिछले दस वर्षों में आनंदो ने यह साबित किया है कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक सकारात्मक पद्धति है। स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सेवा, पारिवारिक एकता और सकारात्मक सोच को साथ लेकर चल रहा यह समूह आज नीमच में प्रेरणा का केंद्र बन चुका है। चार लोगों से शुरू हुई यह यात्रा आज सैकड़ों लोगों के जीवन में स्वास्थ्य, आनंद और नई ऊर्जा का संचार कर रही है।

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