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NCRB रिपोर्ट ने खोली MP की डरावनी तस्वीर: हर 3 घंटे में दुष्कर्म, आदिवासी के साथ अपराध देश में नंबर-1, दलित अत्याचार में दूसरे स्थान पर मध्यप्रदेश

डेस्क न्यूज 09 May, 2026 अपराध

भोपाल। मध्यप्रदेश की कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर NCRB की वर्ष 2024 की रिपोर्ट ने बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने रखी है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में हर 3 घंटे में एक दुष्कर्म का मामला दर्ज हो रहा है। महिलाओं, बच्चों, आदिवासियों और बुजुर्गों के खिलाफ अपराधों में मध्यप्रदेश देश के सबसे संवेदनशील राज्यों में शामिल हो गया है।
NCRB के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में मध्यप्रदेश में दुष्कर्म के 3 हजार 61 मामले दर्ज किए गए, जिससे प्रदेश देश में चौथे स्थान पर पहुंच गया। रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि 97 प्रतिशत से ज्यादा मामलों में आरोपी पीड़िता के परिचित, रिश्तेदार या करीबी निकले।

महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी मध्यप्रदेश देश के टॉप-5 राज्यों में शामिल है। प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ 32 हजार 832 मामले दर्ज किए गए। वहीं बच्चों के खिलाफ अपराधों में प्रदेश तीसरे स्थान पर रहा, जहां 22 हजार से अधिक मामले सामने आए।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि आदिवासियों के खिलाफ अपराधों में मध्यप्रदेश देश में पहले नंबर पर है। प्रदेश में ST वर्ग के खिलाफ 3 हजार 165 मामले दर्ज किए गए। वहीं बुजुर्गों पर अपराध के 5 हजार 875 मामलों के साथ मध्यप्रदेश इस श्रेणी में भी देश में शीर्ष पर पहुंच गया।

दलित अत्याचार के मामलों में प्रदेश दूसरे स्थान पर रहा। इसके अलावा दहेज हत्या, अपहरण और रेलवे अपराध के मामलों में भी मध्यप्रदेश की स्थिति चिंताजनक बताई गई है। ट्रेनों में अपराध के मामलों में प्रदेश देश में दूसरे नंबर पर रहा।
हालांकि रिपोर्ट में कुल अपराधों में लगभग 3 प्रतिशत कमी का दावा किया गया है, लेकिन महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों के खिलाफ बढ़ते अपराधों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब सवाल यह है कि आखिर सख्त कानून, अभियान और दावों के बावजूद मध्यप्रदेश में महिलाएं और कमजोर वर्ग खुद को कितना सुरक्षित महसूस कर पा रहे हैं।

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