डेस्क न्यूज
28 April, 2026
अपराध
नीमच। ग्राम सावन में जमीन विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है। पट्टे की भूमि पर जबरन कब्जा और अवैध मिट्टी उत्खनन के आरोपों के साथ दो पीड़ित किसान कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचे और न्याय की मांग की।
प्रार्थी जेतराम पिता देवाजी और प्रकाश पिता स्वर्गीय मूलचंद ने शिकायत में बताया कि उनकी करीब 1 हेक्टेयर जमीन (सर्वे क्रमांक 2352 एवं 2352/मिन-2) वर्ष 2002 में शासन द्वारा पट्टे पर दी गई थी, जिस पर वे वर्षों से खेती करते आ रहे थे।
अधबटाई से कब्जे तक का सफर
पीड़ितों के अनुसार उन्होंने गांव के ही बगदीराम गुर्जर को अधबटाई पर खेती के लिए जमीन दी थी। शुरुआत में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन बगदीराम की मृत्यु के बाद उसका पुत्र गोविंद उर्फ पियुष ने जमीन पर कब्जा जमा लिया और अब फसल का हिस्सा देने से भी साफ इनकार कर दिया।
तालाब के नाम पर उत्खनन का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि गोविंद द्वारा ‘बलराम योजना’ के तहत तालाब की खुदाई कराई जा रही है, लेकिन इसके नाम पर बड़ी मात्रा में मिट्टी निकालकर अवैध रूप से बेची जा रही है।
पीड़ितों का कहना है कि विरोध करने पर उन्हें गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं, साथ ही पुलिस का डर दिखाकर खेत में आने से भी रोका जा रहा है।
प्रशासनिक लापरवाही के भी आरोप
मामले में स्थानीय स्तर पर कार्रवाई न होने से पीड़ितों में नाराजगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी को शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, बल्कि वह आरोपी का पक्ष ले रहा है।