द वाॅचमेन पोस्ट
18 April, 2026
अपराध
नीमच/इंदौर। आईपीएल के दौरान सट्टेबाजी का खेल अब सड़कों पर उतर आया है। इंदौर के विजय नगर क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे ‘मूविंग सट्टा सिंडिकेट’ का खुलासा किया है, जो लग्जरी कार को ही अपना ऑपरेशन सेंटर बनाकर दांव लगवा रहा था। इस कार्रवाई में नीमच के दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से लाखों की नकदी और करोड़ों के लेन-देन का डिजिटल रिकॉर्ड मिला है।
कार बनी ‘ऑफिस’, सड़क बनी ऑपरेशन लाइन
पुलिस को सूचना मिली थी कि मेघदूत गार्डन के सामने एक क्रेटा कार में बैठकर आईपीएल मैच पर लाइव सट्टा संचालित किया जा रहा है। टीम के पहुंचते ही आरोपी कार लेकर फरार हो गए। करीब डेढ़ घंटे की पीछा कार्रवाई के बाद रात 12:50 बजे मंगल सिटी के पास घेराबंदी कर दोनों को दबोच लिया गया।
कौन हैं आरोपी?
आकाश जिंदल (24), पिता दिनेश जिंदल (पाली), निवासी नीमच।
प्रियांशु जैन (25), निवासी नीमच।
तलाशी में खुला ‘छुपा खेल’
कार की जांच में जो सामने आया, उसने पुलिस को भी चौंका दिया—
डैशबोर्ड से ₹2.5 लाख नकद
सीट के नीचे बनी गुप्त कैविटी (छिपा खांचा) से ₹7.5 लाख
कुल ₹10 लाख कैश, 6 मोबाइल, और हुंडई क्रेटा कार (MP44-ZD-4034) जब्त
मोबाइल बना बही-खाता, करोड़ों का ट्रैक
जब्त मोबाइल में एक ऑनलाइन सट्टा प्लेटफॉर्म का डैशबोर्ड खुला मिला, जिसमें करीब ₹1 करोड़ के लेन-देन का रिकॉर्ड दर्ज था। आरोपी भरोसेमंद ग्राहकों को कॉल पर “भाव” बताते, ऐप के जरिए लाइव रेट दिखाकर दांव लगवाते और हर सप्ताह हिसाब निपटाते थे।
हाईटेक नेटवर्क, सीमित ग्राहक
पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह केवल चयनित ग्राहकों के साथ काम करता था, ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके। नकद और ऑनलाइन दोनों तरीकों से लेन-देन किया जाता था।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
दोनों आरोपियों के खिलाफ मध्यप्रदेश पब्लिक गैंबलिंग एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस अब मोबाइल डेटा और कॉल डिटेल्स खंगाल रही है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों—खासतौर पर संभावित सफेदपोश कनेक्शन—को भी चिन्हित किया जा सके।