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चार पन्नों की चीख, सिस्टम की चुप्पी और ज़हर से मौत, डीआईजी-डीजीपी को लिखा पत्र, फिर भी नहीं बच पाया आरक्षक — नीमच पुलिस महकमे में हड़कंप

द वॉचमैन पोस्ट 08 February, 2026 अपराध

नीमच। पुलिस लाइन से उठी एक दर्दनाक चीख अब हमेशा के लिए खामोश हो गई। पुलिस लाइन कनावटी में पदस्थ आरक्षक होशियार सिंह अहीर (उम्र 50 वर्ष) ने जहरीला पदार्थ सेवन करने के बाद दम तोड़ दिया। यह सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि पुलिस महकमे के भीतर चल रही कथित प्रताड़ना, भ्रष्टाचार और सिस्टम की चुप्पी पर लगा बड़ा सवाल है।

आरक्षक की मौत के बाद ज्ञानोदय अस्पताल में बेहद मार्मिक दृश्य देखने को मिले। पत्नी और बेटी का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि मृतक का परिवार मूलतः हरियाणा का रहने वाला है। परिजनों की मनःस्थिति को देखते हुए फिलहाल पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में ही उनकी आवाजाही कराई जा रही है, जिससे मीडिया से उनका संपर्क नहीं हो पा रहा।

घटना की गंभीरता को देखते हुए सीएसपी किरण चौहान भी अस्पताल पहुंचीं और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।

 

डीआईजी को डीजीपी-एसपी को लिखा पत्र

 

मामला इसलिए और ज्यादा संवेदनशील हो गया है क्योंकि आरक्षक होशियार सिंह ने मौत से पहले चार पन्नों का शिकायती पत्र लिखा था, जो अब वायरल हो चुका है।

इस पत्र में उसने अपने ही विभाग के कुछ अधिकारियों पर मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना, साथ ही भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे।

आरक्षक ने पत्र में साफ लिखा था—

“मेरा शिकायत पत्र वायरल हो गया है, विभाग में भारी भ्रष्टाचार है। मुझे अपने ही विभाग के लोग मार सकते हैं।”

बताया गया है कि यह पत्र डीआईजी प्रतियां डीजीपी और नीमच एसपी के नाम भी लिखी गई। पत्र पढ़कर प्रतीत हो रहा है कि पूर्व में भी शिकायत की गई थी।  इसके बावजूद किसी ठोस कार्रवाई के संकेत सामने नहीं आए, जिससे आरक्षक गहरे मानसिक तनाव में चला गया।

 

पत्र में आरोप: थाना, PCR और ‘जिम पैसों से बिकते हैं’

पत्र में लिखा कि विभाग में पद और सुविधाएं पैसों के दम पर दी जा रही हैं

उसे मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है

शिकायत करने के बाद उसकी जान को खतरा है

 

इलाज, छुट्टी और फिर ज़हर

 

जानकारी के अनुसार होशियार सिंह का कुछ समय पहले हर्निया का ऑपरेशन हुआ था। वे स्वास्थ्य कारणों से अवकाश पर थे और रविवार को छुट्टी बढ़वाने के लिए पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचे थे।

इसी दौरान किसी बात से खिन्न होकर उन्होंने वहीं जहरीला पदार्थ सेवन कर लिया।

जहरीला पदार्थ खाने के बाद वे खुद कंट्रोल रूम पहुंचे, जहां से सूचना मिलते ही उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया।

 

थाना प्रभारी का वर्जन

 

कैंट थाना प्रभारी नीलेश अवस्थी ने आरक्षक की मौत की पुष्टि करते हुए बताया—

“हमें कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी कि होशियार सिंह की हालत नाजुक है। तत्काल उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत बिगड़ने पर ज्ञानोदय अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।”

 

 पुलिस महकमे में हड़कंप

 

घटना की जानकारी मिलते ही जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे। हालांकि परिजनों की स्थिति को देखते हुए अभी अधिकृत बयान सीमित रखा गया है।

एक ओर आरक्षक के पत्र में लगाए गए आरोप, दूसरी ओर उसकी मौत—इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस विभाग के भीतर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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