डेस्क न्यूज़
06 February, 2026
अपराध
नीमच। शहर के एक आंगनवाड़ी केंद्र में शिक्षा व्यवस्था सुधारने का ऐसा अनोखा प्रयोग सामने आया है, जिसने शिक्षकों को डरा दिया और सिस्टम को शर्मसार कर दिया। ग्वालटोली स्थित गाड़ोलिया बस्ती के आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-50 में संचालित शासकीय प्राथमिक विद्यालय में दो व्यक्ति शराब के नशे में अनाधिकृत रूप से घुस आए और खुद को शिक्षा का ठेकेदार समझते हुए महिला शिक्षकों को पढ़ाने की नसीहत देने लगे।
आरोप है कि इनमें से एक नगरपालिका में पदस्थ सफाईकर्मी राधेश्याम था, जिसने नशे की हालत में स्कूल परिसर में घुसकर न सिर्फ शिक्षिकाओं के अध्यापन में कमियाँ गिनाईं, बल्कि अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए नौकरी से हटवाने की धमकी तक दे डाली।
विडंबना यह रही कि जो व्यक्ति खुद अपने वर्तमान से बेखबर था, वह शराब के नशे में बच्चों के भविष्य को लेकर सबसे ज्यादा चिंतित नजर आया।
नशे में ज्ञान, कैमरे में कैद
घटना का वीडियो सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति महिला शिक्षकों पर चिल्लाते हुए लंबा भाषण झाड़ता दिख रहा है। आरोप है कि तथाकथित ‘जागरूक’ शराबियों में से एक ने महिला शिक्षिकाओं और बच्चों का वीडियो भी बनाया।
स्थिति तब पलटी जब परिसर में मौजूद एक अभिभावक ने भी मोबाइल निकालकर रिकॉर्डिंग शुरू कर दी—इसके बाद ज्ञानवीर राधेश्याम पीछे हट गया और अपने साथी को आगे कर दिया, जो अब वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है।
डर के साए में महिला कर्मचारी
घटना के समय विद्यालय परिसर में बीएलओ द्वारा SIR का कार्य भी चल रहा था। इस पूरी घटना के बाद महिला शिक्षकों और आंगनवाड़ी स्टाफ में भय का माहौल है। डर सिर्फ अपमान का नहीं, बल्कि इस बात का भी है कि शिकायत करने पर कहीं बदले की भावना से कोई अनहोनी न हो जाए।
पुलिस से सुरक्षा और सख्त कार्रवाई की मांग
अंततः विद्यालय की प्रधानाध्यापक और आंगनवाड़ी केंद्र के स्टाफ ने नीमच सिटी थाना पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई है। महिला कर्मचारियों ने आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई और स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।
सवाल जो सिस्टम से पूछे जाने चाहिए
क्या शराब पीकर स्कूल में घुसना अब सामान्य बात हो गई है? महिला शिक्षकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?
क्या सरकारी कर्मचारी होने का मतलब कानून से ऊपर होना है?
ऐसे ‘शराबी सुधारक’ स्कूल ही नहीं, समाज को ही बदनाम करते रहेंगे।