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गोवर्धन पूजा को लेकर नीमच में परंपराओं की रौनक — बेड़ों की खरीदारी और गायों की दौड़ बनेगी आकर्षण का केंद्र

डेस्क न्यूज़ 20 October, 2025 धार्मिक

नीमच | दीपावली के दूसरे दिन मनाया जाने वाला गोवर्धन पूजा पर्व इस बार भी नीमच में पारंपरिक उत्साह और आस्था के साथ मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के प्रकोप से गोकुलवासियों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को उठाया था। इसी पौराणिक कथा की स्मृति में यह पर्व मनाया जाता है, जो ग्रामीण जीवन, पशुपालन और लोक परंपराओं से गहराई से जुड़ा हुआ है।

शहर में गोवर्धन पूजा को लेकर तैयारियाँ चरम पर हैं। टेगोर मार्ग पर बेड़ों की विशेष दुकानों पर खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है। ये बेड़ें—जो पशुओं की सजावट में काम आती हैं—स्थानीय किसानों और पशुपालकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। दुकानों पर रंग-बिरंगी रस्सियाँ, घंटियाँ, मेहंदी और सजावटी सामग्री की बिक्री भी जोर पकड़ रही है।

पूजा के दिन पशुपालक अपने गाय- बैलों को स्नान कराकर विशेष रूप से सजाते हैं। उनके सींगों पर मेहंदी और रंग लगाए जाते हैं, फूलों की मालाएँ चढ़ाई जाती हैं और नई बेड़ें पहनाकर पूजा-अर्चना की जाती है। यह सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि ग्रामीण संस्कृति में पशुप्रेम और कृषि जीवन की महत्ता का प्रतीक माना जाता है।

हर साल की तरह इस बार भी नीमच सिटी में पारंपरिक गायों की दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। आकर्षक सजावट से सजी गायें इस दौड़ में हिस्सा लेंगी। विजेता पशु के मालिक को सम्मानित किया जाएगा। यह आयोजन स्थानीय लोगों में खासा लोकप्रिय है और बड़ी संख्या में लोग इसमें भाग लेते हैं।

इसके अलावा जिलेभर में अन्नकूट महोत्सव, गौ-पूजन और सामूहिक गोवर्धन पूजा के कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। दीपावली के उत्सव के बीच गोवर्धन पूजा नीमच की लोक परंपराओं, आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर सामने आती है।

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