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चांदनी में चूड़ी की खनक: सुहाग की सलामती को लेकर सोलह श्रृंगार में लिपटीं व्रतधारी महिलाएं

डेस्क न्यूज़ 10 October, 2025 धार्मिक

नीमच | शुक्रवार की रात नीमच में चांद की पहली झलक ने न केवल आसमान को रौशन किया, बल्कि सुहागिनों की आंखों में उम्मीदों की चमक भी भर दी। करवा चौथ के अवसर पर शहर की महिलाओं ने पारंपरिक सोलह श्रृंगार कर पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखा। दिनभर निर्जला तप कर रात को चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित कर व्रत का पारायण किया गया।

हिंदू संस्कृति में करवा चौथ वह विशेष पर्व है, जहां प्रेम, आस्था और समर्पण का संगम देखने को मिलता है। हर वर्ष कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व इस बार भी परंपरा, भक्ति और सौंदर्य की त्रिवेणी बनकर सामने आया।

शहर की विभिन्न कॉलोनियों, मंदिरों और सामुदायिक स्थलों पर सज-धज कर निकलीं व्रतधारी महिलाओं ने पूजन-अर्चन के साथ कथा श्रवण किया। इस अवसर पर लायंस पार्क के समीप सिख समाज की महिलाओं ने सामूहिक पूजा का आयोजन कर एक सामाजिक सौहार्द का संदेश भी दिया। गोल घेरे में बैठकर महिलाओं ने पूजन थालियों को भक्ति गीतों की लय पर एक-दूसरे तक पहुंचाया—यह क्रम आठ बार दोहराया गया।

पूजन से पहले मनोरंजक गतिविधियों और पारंपरिक खेलों ने आयोजन को और जीवंत बना दिया। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को सिख समाज लगातार निभा रहा है—पिछले तीन दशकों से लायंस पार्क में यह आयोजन अनवरत जारी है।

इस पर्व पर विवाहित महिलाएं ही नहीं, बल्कि अविवाहित युवतियां भी आदर्श जीवनसाथी की कामना के साथ व्रत रखती हैं। हालाँकि उनके लिए कुछ विशेष धार्मिक नियम निर्धारित हैं, जिनका पालन करते हुए ही व्रत किया जाता है।

जैसे ही रात में चाँद ने अपनी झलक दिखाई, वैसा ही हर आंगन से छलकते थाल और छलकती आंखों के साथ महिलाओं ने अपने व्रत को पूर्ण किया। पति की सलामती की दुआओं के साथ करवा चौथ एक बार फिर प्रेम और परंपरा की मिसाल बन गया।

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