डेस्क न्यूज़
30 September, 2025
धार्मिक
नीमच। शारदीय नवरात्रि की महाअष्टमी पर महामाया भादवा माता के दरबार में आस्था और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला। नीमच जिला मुख्यालय से करीब 18 किलोमीटर दूर स्थित यह प्राचीन तीर्थस्थल नवरात्रि में विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि यहां लकवा पीड़ितों सहित अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोग माता के दरबार में मत्था टेकने और मन्नतें पूरी करने आते हैं। दूर-दराज क्षेत्रों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पैदल यात्रा कर माता के दरबार पहुंचे।मंगलवार शाम ढलते ही श्रद्धालुओं का जत्था माता के जयकारों के साथ पैदल यात्रा पर निकल पड़ा। रातभर यह सिलसिला जारी रहा और भक्तगण माता की भक्ति में लीन होकर यात्रा करते रहे। नीमच-मनासा मार्ग पर जगह-जगह सामाजिक संगठनों और भक्तों द्वारा स्वागत द्वार सजाए गए। पोहा, फलाहार, खिचड़ी, दूध, शीतल पेय, आइसक्रीम और चाय-नाश्ते के नि:शुल्क स्टॉल लगाकर पैदल यात्रियों की आवभगत की गई। इससे श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखने को मिला।महाअष्टमी के अवसर पर माता के दरबार में देर रात 10:30 बजे हवन का आयोजन किया गया। इसमें हजारों श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की, जिससे आयोजन सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।बुधवार को महामाया भादवा माता मंदिर प्रांगण में लगा नौ दिवसीय मेला भी समाप्त हो जाएगा। आस्था और श्रद्धा का प्रतीक यह स्थल नवरात्रि में भक्तों के लिए आस्था का केंद्र बना रहा।