ताजासमाचार

नीमच में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल ! जीवन बचाने वाली 108 खुद हुई खराब, सड़क पर दिखी लाचारी की तस्वीर

डेस्क न्यूज़ 10 July, 2026 अन्य

नीमच। जिले में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों पर शुक्रवार को उस समय सवाल खड़े हो गए, जब एक 108 एंबुलेंस दूसरी खराब पड़ी 108 एंबुलेंस को रस्सी से बांधकर खींचते हुए ले जाती नजर आई। यह दृश्य राहगीरों के बीच चर्चा का विषय बन गया और लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर चिंता जताई।

108 एंबुलेंस सेवा का उद्देश्य सड़क दुर्घटना, हृदयाघात, प्रसूति सहित अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाना है। ऐसे में यदि एंबुलेंस स्वयं रास्ते में खराब हो जाए या समय पर घटनास्थल तक न पहुंच सके, तो मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार आपातकालीन स्थिति में 'गोल्डन ऑवर' के दौरान मिलने वाला उपचार कई बार जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर तय करता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है, जब जिले में 108 एंबुलेंस या स्वास्थ्य विभाग के अन्य वाहन खराब अवस्था में दिखाई दिए हों। इससे पहले भी वाहनों की तकनीकी खराबी और रखरखाव को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। इसके बावजूद नियमित सर्विसिंग और समय पर मरम्मत को लेकर अपेक्षित गंभीरता दिखाई नहीं दे रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आपातकालीन सेवाओं में उपयोग होने वाले वाहनों का नियमित फिटनेस परीक्षण, समय पर सर्विसिंग और तकनीकी जांच अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए। छोटी-सी लापरवाही भी किसी मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।

शुक्रवार को सामने आया यह दृश्य जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करता है। आवश्यकता इस बात की है कि जिले में संचालित सभी 108 एंबुलेंस और स्वास्थ्य विभाग के अन्य वाहनों की व्यापक तकनीकी जांच कर उन्हें पूरी तरह दुरुस्त किया जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को बिना किसी बाधा के समय पर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। क्योंकि जीवन बचाने वाली सेवा यदि स्वयं ही बेबस नजर आएगी, तो आमजन का भरोसा कमजोर पड़ना स्वाभाविक है।

Related Post