डेस्क न्यूज़
04 May, 2026
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जावद। आस्ताना-ए-कादरिया फाउंडेशन एवं मदरसा हबीबिया इस्लामिया जावद के संयुक्त तत्वावधान में पहला मुस्लिम विद्यार्थी प्रतिभा सम्मान समारोह (हौसला अफजाई) एवं मोटिवेशनल प्रोग्राम रविवार को जामात खाना, मोमिन मोहल्ला में गरिमामय और उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में जावद सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक, उलेमा-ए-कराम और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन पीर-ए-तरीकत सैय्यद आकिल अख्तरूल कादरी (र.अ.) की रूहानी मौजूदगी में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत हाफिज आसिफ द्वारा तिलावत-ए-कुरआन पाक से हुई, जिससे पूरा माहौल आध्यात्मिक हो गया। इसके बाद हाफिज फरीद, हाफिज समीर कादरी और हाफिज उसमान कादरी ने नात-ए-पाक पेश कर उपस्थित जनों को भाव-विभोर कर दिया। आशिक रहमानी ने “सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तां हमारा” कौमी तराना प्रस्तुत किया। मंच संचालन सिद्दीक नूरी (चित्तौड़गढ़) ने प्रभावी ढंग से किया।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2025-26 की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मुस्लिम विद्यार्थियों को सम्मानित करना और अन्य छात्रों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करना था। समारोह में मेधावी विद्यार्थियों को मोमेंटो, शील्ड एवं पुरस्कार प्रदान कर ‘हजरत आकिल अख्तर अवार्ड’ से नवाजा गया। इस दौरान विद्यार्थियों और अभिभावकों में खासा उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मोटिवेशनल सेशन रहा, जिसमें वक्ताओं ने शिक्षा का महत्व, समय प्रबंधन, लक्ष्य निर्धारण, करियर प्लानिंग और नैतिक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से बचते हुए पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।
उलेमा-ए-कराम और समाज के वरिष्ठजनों ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा ही समाज में प्रगति और जागरूकता का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की तालीम पर विशेष ध्यान देने की अपील की।
आस्ताना-ए-कादरिया फाउंडेशन के प्रमुख एवं शहर काजी सैय्यद आदिल कादरी ने बताया कि यह कार्यक्रम जावद और आसपास के होनहार बच्चों की हौसला अफजाई के लिए आयोजित किया गया है। संस्था द्वारा वर्तमान में निःशुल्क कंप्यूटर कोचिंग क्लासेस भी संचालित की जा रही हैं, जिससे बच्चों को तकनीकी शिक्षा में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
कार्यक्रम में अनुशासन और व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया। सुंदर साज-सज्जा के बीच पूरा वातावरण प्रेरणादायक नजर आया। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में अकरम कादरी (दिल्ली), एडवोकेट गुलाम यजदानी (नीमच), प्रोफेसर अरनान शेख (भीलवाड़ा), सिद्दीक नूरी (चित्तौड़गढ़) और वसीम पठान (इकरा एजुकेशन, नीमच) उपस्थित रहे। इसके अलावा स्थानीय शिक्षकों, डॉक्टरों और मार्गदर्शकों ने भी विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
अंत में डॉक्टर सैयद रिजवान ने सभी अतिथियों, उलेमा-ए-कराम, विद्यार्थियों और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। यह आयोजन समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नई पीढ़ी को सही दिशा देने की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हुआ।