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भक्ति और परंपरा के संग निकली गणगौर की झेल, पाराशर समाज की महिलाओं ने गाए पारंपरिक गीत

न्यूज डेस्क 14 March, 2026 अन्य

नीमच। शहर में चल रहे 16 दिवसीय गणगौर महापर्व के अंतर्गत शनिवार को पाराशर समाज परिवार द्वारा भक्ति और परंपरा से ओतप्रोत गणगौर की झेल निकाली गई। यह झेल गांधी वाटिका से प्रारंभ होकर विजय टॉकीज चौराहा, 40 नंबर चौराहा, टैगोर मार्ग, कमल चौक, नायकावली, घंटाघर और तिलक मार्ग होते हुए पुस्तक बाजार पहुंची, जहां इसका समापन किया गया।

झेल प्रारंभ होने से पूर्व गांधी वाटिका में महिलाओं ने विधि-विधान से गणगौर माता की पूजा-अर्चना की। इस दौरान महिलाओं ने गणगौर के झाले दिए और ईसर-गौरा को जल अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद बैंड-बाजों की मधुर धुन और पारंपरिक गणगौर गीतों के साथ झेल का शुभारंभ किया गया। पूरे मार्ग में महिलाएं और युवतियां पारंपरिक वेशभूषा में गणगौर के गीत गाते हुए आगे बढ़ती रहीं, जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।

हिंदू परंपरा में गणगौर पर्व का विशेष महत्व माना जाता है। यह पर्व मुख्य रूप से भगवान शिव (ईसर) और माता पार्वती (गौरा) की आराधना को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस पर्व पर सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और परिवार की समृद्धि के लिए व्रत और पूजा करती हैं, जबकि अविवाहित युवतियां मनचाहा वर पाने की कामना करती हैं।

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