डेस्क न्यूज़
23 September, 2025
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नीमच | ग्राम पंचायत घसुण्डी जागीर के तहसील जीरन अंतर्गत ग्राम बरकटी के ग्रामीणों ने मंगलवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शासन की नियमों की अवहेलना का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 1985 से 1990 के बीच राजस्व विभाग ने नियमों की अनदेखी करते हुए बरकटी की चारागाह भूमि पर पड़ोसी गांव घसुण्डी जागीर के कुछ लोगों को शासकीय पट्टे आवंटित कर दिए, जो पूरी तरह अवैध है।
ग्रामीणों के अनुसार, जिन लोगों को ये पट्टे मिले हैं वे पहले से ही जमीनदार हैं और उनके पास अफीम पट्टे भी हैं, जबकि बरकटी के अधिकांश किसान भूमिहीन हैं। बरकटी के किसानों का आरोप है कि वे पीढ़ियों से अपनी चारागाह भूमि पर अपने पशुओं को चराते आ रहे हैं, लेकिन पट्टाधारियों ने इस भूमि पर कब्जा कर राजस्थान के धनाढ्य लोगों को अवैध रूप से बेच दिया है।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि शासकीय पट्टे अहस्तांत्रणीय होते हैं, जिन्हें न तो बेचा जा सकता है, न बंटवारा किया जा सकता है और न ही इस पर ऋण लिया जा सकता है। यह पट्टे केवल खेती या निवास के लिए दिए जाते हैं, इसलिए इन पट्टों का विक्रय पूरी तरह से गैरकानूनी है।
ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि नियमों के खिलाफ वितरित इन पट्टों को तुरंत निरस्त किया जाए और चारागाह भूमि को पुनः चारागाह घोषित कर ग्रामीणों को अपने पशुओं के चराने के लिए अधिकार दिया जाए, ताकि वे अपनी आजीविका यथावत रख सकें।