डेस्क न्यूज़
12 September, 2025
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मंदसौर/नीमच/रतलाम। लंबे इंतज़ार के बाद अफीम किसानों के लिए बड़ी खबर आ गई है। केंद्र सरकार ने देर रात 2025-26 की नई अफीम नीति घोषित कर दी है। यह नीति जहां कुछ किसानों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आई है, वहीं कई किसानों के चेहरों पर निराशा की लकीरें भी खींच गई हैं।
इस बार की नीति में CPS (कटिंग-पोड स्ट्रिपिंग) प्रणाली से अफीम देने वाले किसानों को 5 आरी का लाइसेंस दिया जाएगा। वहीं चिराई पद्धति से अफीम निकालने वाले किसानों को सीधे 10 आरी का लाइसेंस मिलेगा — यानी उन्हें इस बार प्राथमिकता दी गई है। विशेष ध्यान देने वाली बात यह है कि पिछले वर्ष CPS सिस्टम से 90 किलो या उससे अधिक डोडा देने वाले किसानों को इस बार चिराई का लाइसेंस मिलेगा। जबकि 80 किलो से कम देने वालों के पट्टे होल्ड पर रखे जाएंगे — यानी उनका भविष्य अभी अधर में लटका है।
इसके साथ ही मार्फिन की गुणवत्ता को भी नीति में बड़ा आधार बनाया गया है :
4.2% से अधिक मार्फिन देने वाले किसानों को मिलेगा चिराई का लाइसेंस।
वहीं 3.0% से 4.2% मार्फिन वाले किसानों को CPS सिस्टम का लाइसेंस मिलेगा।
क्या कहता है किसान समाज ?
नई नीति के बाद किसानों में मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां उच्च मार्फिन और उत्पादन वाले किसानों में खुशी है, वहीं जिनके पट्टे होल्ड पर चले गए हैं, उनके लिए यह चिंता का विषय बन गया है।