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भीलवाड़ा से आया प्रस्ताव : नीमच बन सकता है ‘गारमेंट सिटी’, टेक्सटाइल पार्क प्रस्ताव पर बड़े समूहों से निवेश चर्चा

डेस्क न्यूज 27 February, 2026 अन्य

नीमच। राजस्थान की वस्त्र नगरी भीलवाड़ा में गुरुवार को “इन्वेस्ट इन एमपी” के तहत “मध्य प्रदेश में निवेश के अवसर” विषय पर आयोजित इंटरेक्टिव सेशन में नीमच जिले के लिए बड़ी संभावनाएं उभरकर सामने आईं। कार्यक्रम में मोहन यादव ने उद्योगपतियों और निवेशकों को मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करने का आमंत्रण दिया और राज्य की उद्योग-अनुकूल नीतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के दौरान उद्योग संगठनों ने नीमच जिले के पास टेक्निकल टेक्सटाइल पार्क की स्थापना का प्रस्ताव रखा। उद्योग प्रतिनिधियों का कहना था कि राजस्थान की सीमा से लगे होने के कारण नीमच रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। भीलवाड़ा से मात्र लगभग 110 किलोमीटर की दूरी और नेशनल हाईवे-42 की बेहतर कनेक्टिविटी इसे टेक्सटाइल उद्योगों के विस्तार के लिए आदर्श स्थान बनाती है। भीलवाड़ा की औद्योगिक इकाइयों के विस्तार के लिए नीमच एक बेहतर और किफायती विकल्प के रूप में उभर रहा है।

टेक्सटाइल उद्योगों की पसंद बनता नीमच
नीमच जिले में पहले से संचालित टेक्सटाइल इकाइयां इसकी संभावनाओं को मजबूत आधार दे रही हैं। झांझरवाड़ा में विश्वेश्वरा डेनिम और स्वराज शूटिंग्स की इकाइयां कार्यरत हैं, जबकि ग्राम सोनयाना में सोनयाना टेक्सटाइल यूनिट स्थापित है। मोरवन क्षेत्र में सुविधा रेयांश टेक्सटाइल यूनिट पर काम जारी है। इन इकाइयों में कपड़ा उत्पादन और प्रोसेसिंग का कार्य हो रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। उद्योग जगत का मानना है कि यदि यहां संगठित टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जाता है तो फैब्रिक, सूटिंग, टेक्निकल टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में बड़े पैमाने पर निवेश आ सकता है।

भीलवाड़ा के प्रमुख उद्योग समूह—संगम ग्रुप, सुविधा ग्रुप, कंचन ग्रुप और एलएनजे ग्रुप—से भी मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर चर्चा चल रही है। यदि ये प्रस्ताव मूर्त रूप लेते हैं तो नीमच को गारमेंट सिटी के रूप में नई पहचान मिल सकती है।

टेक्सटाइल सेक्टर में मजबूत पहचान का लक्ष्य
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश बेहतर लॉजिस्टिक्स, पारदर्शी प्रशासन और उद्योग-अनुकूल नीतियों के कारण निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार टेक्सटाइल सेक्टर को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और बड़े निवेश प्रस्तावों पर विशेष रियायतें भी दी जा रही हैं। उद्योग विभाग स्वयं मुख्यमंत्री के पास है और उनकी टीम निवेश प्रक्रियाओं को सरल और त्वरित बनाने में जुटी है।

कार्यक्रम में राजस्थान और मध्यप्रदेश के जनप्रतिनिधि, उद्योग संगठन, चेंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में टेक्सटाइल सेक्टर से जुड़े निवेशक उपस्थित रहे। यदि प्रस्तावों पर सहमति बनती है, तो आने वाले समय में नीमच प्रदेश की नई गारमेंट हब के रूप में उभर सकता है।

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