डेस्क न्यूज
21 January, 2026
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नीमच। कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-95) के अंतर्गत देशभर के लगभग 81 लाख पेंशनर्स ने आगामी संसद के बजट सत्र में न्यूनतम ₹7500 प्रतिमाह पेंशन एवं महंगाई भत्ता (डीए) घोषित किए जाने की जोरदार मांग उठाई है। इसी कड़ी में EPS-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति के तत्वावधान में नीमच में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के नाम ज्ञापन कलेक्टर प्रतिनिधि को सौंपा गया।
ज्ञापन में संघर्ष समिति ने उल्लेख किया कि वर्ष 2013 में गठित कोश्यारी समिति की सिफारिशें तथा राज्यसभा याचिका संख्या-147 आज तक लागू नहीं की गई हैं, जिससे पेंशनर्स में भारी असंतोष व्याप्त है। समिति का आरोप है कि संसद में EPS-95 पेंशन फंड को लेकर समय-समय पर भ्रामक जानकारियां प्रस्तुत की गईं, जबकि EPFO की वार्षिक रिपोर्ट 2023-24 के अनुसार 16 नवंबर 1995 में फंड की स्थापना के बाद से आज तक नकदी प्रवाह की कोई समस्या नहीं रही है।
समिति ने बताया कि जनवरी 1996 में श्रम मंत्रालय द्वारा प्रकाशित एक विज्ञापन में सेवा अवधि के आधार पर पेंशन राशि स्पष्ट रूप से दर्शाई गई थी, लेकिन वह राशि आज तक पेंशनर्स को प्राप्त नहीं हुई। अधिकांश EPS-95 पेंशनर्स ने 30 वर्ष से अधिक की लंबी सेवा दी है और अपने सेवा काल में ₹12 लाख से अधिक का अंशदान किया है। इसके बावजूद वर्तमान महंगाई के दौर में उन्हें अत्यंत अल्प पेंशन मिल रही है, जिससे सम्मानजनक जीवन यापन करना कठिन हो गया है।
राष्ट्रीय संघर्ष समिति ने केंद्र सरकार से सामाजिक सुरक्षा के अपने संवैधानिक दायित्व का पालन करते हुए EPS-95 पेंशनर्स को न्यूनतम ₹7500 प्रतिमाह पेंशन एवं डीए प्रदान कर सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने की मांग की है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार द्वारा शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 20, 21 एवं 22 जनवरी 2026 को उपवास रखा जाएगा तथा 20 से 23 जनवरी 2026 तक देशभर में EPFO कार्यालयों और जिला कलेक्टर कार्यालयों पर शांतिपूर्ण राष्ट्रव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
EPS-95 पेंशनर्स को उम्मीद है कि आगामी बजट सत्र में सरकार उनकी वर्षों पुरानी मांगों पर ठोस, न्यायसंगत और मानवीय निर्णय लेगी।