डेस्क न्यूज
29 December, 2025
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नीमच। जिले की अग्रणी साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था कृति द्वारा अरावली पर्वत श्रृंखला के संरक्षण और बचाव के लिए एक महत्वपूर्ण जनआंदोलन की पहल की जा रही है। इसी क्रम में 30 दिसंबर 2025, मंगलवार को दोपहर 4 बजे, 40 भारत माता चौराहा पर शांतिपूर्ण जन प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। संस्था का उद्देश्य आमजन को अरावली संरक्षण के प्रति जागरूक करना और प्रकृति रक्षा के लिए सामूहिक चेतना को मजबूत करना है।
संस्था के अध्यक्ष डॉ. अक्षय राजपुरोहित, सचिव कमलेश कुमार जायसवाल एवं प्रचार सचिव कृष्ण शर्मा ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि अरावली पर्वत श्रृंखला केवल एक भौगोलिक संरचना नहीं, बल्कि क्षेत्र के जलवायु संतुलन, भूजल संरक्षण, जैव-विविधता और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की जीवनरेखा है। उन्होंने चिंता जताई कि लगातार हो रहा खनन, कटाव और बढ़ता मानवीय हस्तक्षेप इस प्राचीन पर्वत श्रृंखला के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है।
संस्था पदाधिकारियों ने बताया कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पर्वत श्रृंखला की नई कानूनी परिभाषा को लेकर स्वतः संज्ञान लिया है। नवंबर 2025 में प्रस्तुत इस नई परिभाषा के अनुसार केवल 100 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों को ही “अरावली” माना जाएगा। पर्यावरणविदों, नागरिक संगठनों और छात्रों का मानना है कि इस परिभाषा से नीची पहाड़ियां, वन क्षेत्र और जलग्रहण क्षेत्र संरक्षण के दायरे से बाहर हो सकते हैं, जिससे अरावली का पारिस्थितिक तंत्र कमजोर पड़ने की आशंका है।
कृति संस्था का कहना है कि अरावली से छेड़छाड़ का सीधा प्रभाव जल स्रोतों, जैव-विविधता, वायु गुणवत्ता और जलवायु संतुलन पर पड़ेगा। यह केवल एक स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की पारिस्थितिकी और पर्यावरणीय संतुलन से जुड़ा गंभीर विषय है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार लगभग 10 हजार सक्रिय खदानों के कारण पहाड़ी क्षेत्रों को भारी नुकसान पहुंच रहा है, जो भविष्य के लिए चिंताजनक संकेत है।
इस जन प्रदर्शन के माध्यम से संस्था का उद्देश्य जनसामान्य, छात्रों और सामाजिक संगठनों को एक मंच पर लाकर प्रकृति संरक्षण के पक्ष में मजबूत जनमत तैयार करना है। कृति संस्था ने सभी सदस्यों, पर्यावरण प्रेमियों, सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अरावली संरक्षण और प्रकृति के पक्ष में अपनी आवाज बुलंद करें।