डेस्क न्यूज
23 December, 2025
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नीमच। सिंहल परिवार, नीमच के तत्वावधान में वृंदावन धाम–मथुरा के प्रख्यात श्रीमद्भागवत उपासक श्रीजी बाबा महाराज के सुपुत्र, ब्रज विभूषित श्रीमद्भागवत आचार्य संत श्री रमाकांत गोस्वामी जी के श्रीमुख से श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ रविवार को कलश यात्रा के साथ हुआ। यह दिव्य आयोजन 22 से 28 दिसंबर तक प्रतिदिन दोपहर 2 से 6 बजे तक कमल अग्रसेन भवन सभागार में संपन्न होगा।
श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ अवसर पर नया बाजार स्थित नरसिंह मंदिर में श्रीमद्भागवत पोथी का विधिवत पूजन किया गया। आरती उपरांत अमृत कलश यात्रा नरसिंह मंदिर से प्रारंभ होकर घंटाघर, गोपाल मंदिर, अग्रसेन वाटिका होते हुए चौकन्ना बालाजी स्थित कमल अग्रसेन भवन पहुंची, जहां यह यात्रा धार्मिक अनुष्ठान व आरती में परिवर्तित हो गई।
कलश यात्रा में आगे-आगे बैंड-बाजों पर श्रीमद्भागवत ज्ञान गंगा पर आधारित भजनों की मधुर स्वर लहरियां वातावरण को भक्तिमय बना रही थीं। बग्गी में विराजित महाराज श्री भक्तों का आशीर्वाद स्वीकार कर रहे थे। श्रद्धालुजन श्रीमद्भागवत पोथी को सिर पर धारण कर चल रहे थे, वहीं महिलाएं मंगल कलश सिरोधार्य कर श्रद्धा के साथ यात्रा में सहभागी बनीं।
दोपहर 2 बजे कथा के महात्म्य का वर्णन करते हुए भागवत आचार्य श्री रमाकांत गोस्वामी जी ने कहा कि “श्रीमद्भागवत मुक्ति का कल्पवृक्ष है। यह जीवन जीने की कला सिखाती है। जीवन की प्रत्येक समस्या का समाधान भागवत में निहित है। भागवत श्रवण से आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है और आत्म शांति की प्राप्ति होती है।”
पूरे नगर में इस अवसर पर भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का वातावरण व्याप्त रहा।