डेस्क न्यूज़
13 May, 2026
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मंदसौर | मंदसौर जिले के गरोठ थाना क्षेत्र के कोटड़ाबुजुर्ग गांव में मटका कुल्फी खाने के बाद करीब 15 बच्चे अचानक बीमार पड़ गए। बच्चों में उल्टी, दस्त और मुंह से झाग आने जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दिए, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया। प्राथमिक जांच में डॉक्टरों ने दूषित आइसक्रीम को बच्चों के बीमार होने का मुख्य कारण बताया है।
जानकारी के अनुसार, सभी बच्चों ने एक ही विक्रेता से राधिका मटका कुल्फी खरीदी थी। हालत बिगड़ने पर बच्चों को तत्काल राजस्थान के नवजीवन मेट्रो अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, पांच बच्चों को भर्ती किया गया है। इनमें 7 वर्षीय शिवम और 10 वर्षीय इरशाद की हालत गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में रखा गया है। वहीं 11 वर्षीय निहारिका और 7 वर्षीय दिव्यांशु का उपचार सामान्य वार्ड में चल रहा है।
गरोठ के बीएमओ दरबार गोपाल सिंह ने बताया कि सात से आठ बच्चों का उपचार जारी है। उन्होंने कहा कि एक बच्चे की हालत चिंताजनक बनी हुई है, हालांकि डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।
घटना की सूचना मिलते ही गरोठ अस्पताल की टीम गांव पहुंची और उन बच्चों से भी मुलाकात की गई जिन्हें उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए गरोठ के नायब तहसीलदार घुनाथ माचार ने भी अस्पताल पहुंचकर हालात का जायजा लिया। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों की हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।
गौरतलब है कि हाल ही में इसी कोटड़ाबुजुर्ग गांव में नकली दूध डेयरी का मामला भी सामने आया था, जिसके बाद क्षेत्र में मिलावटी खाद्य पदार्थों को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
प्रशासन अब आइसक्रीम विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में है। साथ ही पूरे क्षेत्र में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।