डेस्क न्यूज
18 June, 2025
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नीमच। पति की असमय मृत्यु के बाद एक गरीब मजदूर महिला के सामने अपने बच्चों के भरण-पोषण की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। मामला मंदसौर जिले के नाहरगढ़ गांव की रहने वाली अनीता चौहान का है, जिनके पति प्रकाश चौहान की मृत्यु नीमच जिले की मनासा कृषि उपज मंडी में प्याज बेचने के दौरान हो गई थी। 20 दिसंबर 2024 को मंडी परिसर में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और वहीं उनका निधन हो गया। वे ही पूरे परिवार के एकमात्र सहारा थे। अब अनीता मजदूरी कर किसी तरह अपने चार बच्चों—एक पुत्र और तीन पुत्रियों—का भरण-पोषण कर रही हैं लेकिन आर्थिक हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं।
पति की मृत्यु के बाद से अब तक अनीता और उनके परिजन आर्थिक सहायता के लिए सैकड़ों बार आवेदन कर चुके हैं। यहां तक कि प्रशासनिक स्तर पर सहायता की फाइल भी चल चुकी थी, लेकिन अज्ञात कारणों से बाद में उसे निरस्त कर दिया गया। इससे दुखी होकर मंगलवार को अनीता एक बार फिर अपने बच्चों के साथ नीमच कलेक्टर कार्यालय पहुंची, जहां उन्होंने कलेक्टर को एक लिखित आवेदन सौंपकर शासन से आर्थिक सहायता की मांग की। प्रार्थना पत्र में उन्होंने बताया कि बच्चों की पढ़ाई और जीवन यापन दोनों ही खतरे में हैं। ऐसे में शासन से मिलने वाली सहायता राशि उनके परिवार के लिए संजीवनी साबित हो सकती है। प्रकरण को लेकर पहले भी उनके भतीजे अर्जुन चौहान द्वारा 1 जनवरी 2025 को मनासा एसडीएम को आवेदन दिया गया था, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं हुई है। अब अनीता ने एक बार फिर कलेक्टर से गुहार लगाई है कि शासन स्तर पर उन्हें पात्रता अनुसार आर्थिक सहायता दी जाए, ताकि वे अपने परिवार को संभाल सकें और बच्चों का भविष्य सुरक्षित कर सकें।