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आस्था और परंपरा के संग जलेगी होली, शहर में 50 से अधिक स्थानों पर तैयारियां पूरी

डेस्क न्यूज़ 02 March, 2026 अन्य

नीमच। शहर सहित अंचल में इस वर्ष होली पर्व पर होलिका दहन शास्त्रोक्त परंपरा, आध्यात्मिक आस्था और पंचांग के विधिवत मुहूर्त के अनुसार संपन्न होगा। दिनभर महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक होलिका माता की पूजा-अर्चना की, वहीं रात्रि 1:30 बजे भद्रपुच्छ के शुभ मुहूर्त में शहर के विभिन्न स्थानों पर विधि-विधान से होलिका दहन किया जाएगा। सोमवार सुबह से ही बाजारों में उत्साह का माहौल रहा। प्रमुख बाजारों में रंग, गुलाल, पिचकारी और पूजन सामग्री की खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी रही। बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने गोबर से बने बल्लुड़िये, रोली, अक्षत, नारियल सहित अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर होलिका माता की आराधना की। धार्मिक मान्यता के अनुसार होलिका दहन के बाद सात दिनों तक महिलाएं होलिका माता को “ठंडा” करने की परंपरा निभाती हैं और सातवें दिन बांसोड़ा (शीतला सप्तमी) पर ठंडा भोजन बनाकर अर्पित किया जाता है।

होलिका दहन के मुहूर्त को लेकर प्रारंभ में मतभिन्नता की स्थिति बनी थी। इस विषय में शास्त्रोक्त निर्णय हेतु कर्मकांडीय विप्र परिषद द्वारा 22 फरवरी 2026 को शहर के हृदयस्थल घंटाघर स्थित श्री बिचला गोपाल मंदिर में सर्वसमाज की बैठक आयोजित की गई। परिषद अध्यक्ष पंडित राधेश्याम उपाध्याय एवं मंत्री पं. जगदीशप्रसाद शर्मा ने पंचांग के गहन अध्ययन और शास्त्रसम्मत विचार-विमर्श के बाद निर्णय लिया कि 2 मार्च की मध्यरात्रि 1:30 बजे भद्रपुच्छ काल में होलिका दहन करना जनहितकारी एवं सिद्धिकारक रहेगा। शास्त्रों में उल्लेख है— “भद्रायां दीपिता होली राष्ट्रभंग करोति वै।” अर्थात भद्रा काल में होलिका दहन करना अशुभ फलदायक माना गया है। विद्वानों के अनुसार 2 मार्च को सायं 5:56 बजे से भद्रा प्रारंभ होकर 3 मार्च प्रातः 5:29 बजे तक रहेगी, किंतु रात्रि 1:26 से 2:30 बजे तक भद्रपुच्छ का विशेष शुभ समय रहेगा। शास्त्रों में वर्णित है— “पृथिव्यां यानि कार्याणि शुभानि तु शुभानि च, तानि सर्वाणि सिद्ध्यन्ति विष्टि पुच्छे न संशयः।” अर्थात भद्रा के पुच्छ काल में किए गए शुभ कार्य निश्चित रूप से सिद्धि प्रदान करते हैं।

इसी आधार पर शहर के छावनी, नीमच सिटी, बघाना सहित लगभग 50 से अधिक स्थानों पर रात्रि 1:30 बजे मंत्रोच्चार एवं पूजा-अर्चना के साथ होलिका दहन किया जाएगा। नीमच की प्राचीन और प्रामाणिक होली कुम्हारा गली-दाना गली चौराहा तथा घंटाघर क्षेत्र में भी निर्धारित मुहूर्त में ही अग्नि प्रज्वलित की जाएगी। होलिका दहन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा और शहर के विभिन्न स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया।

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