डेस्क न्यूज
21 February, 2026
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नीमच। मध्यप्रदेश सरकार के हालिया बजट को लेकर जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जावद विधायक ओमप्रकाश सकलेचा ने बजट को ऐतिहासिक और जनहितैषी बताते हुए इसे विकास की नई दिशा देने वाला बताया। इस दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष वंदना खंडेलवाल, नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार और नपा अध्यक्ष स्वाति चौपड़ा सहित अनेक भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आखिर नीमच की तीन विधानसभा को क्या मिला ?
विधायक सकलेचा ने कहा कि बजट में नीमच जिले की तीनों विधानसभा—नीमच, जावद और मनासा—को पेयजल और सिंचाई योजनाओं से बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने “हर घर और हर खेत तक पानी” पहुंचाने की बात कही। साथ ही 18 से 20 नई सड़कों की स्वीकृति, 4 से 5 नए सांदीपनी (सीएम राइज) स्कूल, स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए फंड, कॉलेजों के लिए बजट और एआई टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के प्रावधानों का जिक्र किया।
विधायक को ही नहीं पता कि नीमच को क्या मिला ?
बजट को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जावद विधायक ओमप्रकाश सकलेचा उस वक्त सवालों के घेरे में आ गए, जब पत्रकारों ने सीधे तौर पर पूछा कि इस बार नीमच जिले की तीनों विधानसभा—नीमच, जावद और मनासा—को आखिर ठोस रूप से क्या मिला है?
पुरानी योजना, नया दावा ?
विधायक ने जवाब में कहा कि इस बजट में तीनों विधानसभा क्षेत्रों में पेयजल और सिंचाई का पानी हर घर तक पहुंचाने का प्रावधान किया गया है। लेकिन सवाल यह उठा कि जिन परियोजनाओं पर काम पहले से चल रहा है, उन्हें इस वर्ष के नए बजट की उपलब्धि क्यों बताया जा रहा है? यदि योजनाएं पूर्व से स्वीकृत और प्रगति पर हैं, तो बजट में उनकी नई घोषणा या अतिरिक्त प्रावधान क्या है—इस पर स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका।
तैयार मेडिकल कॉलेज भी बजट में शामिल?
प्रेस वार्ता में प्रश्न पूछे जान के दौरान विधायक ने मेडिकल कॉलेज को भी इस बजट की उपलब्धि में गिना दिया। जबकि जिले में मेडिकल कॉलेज भवन में कॉलेज तक संचालित हो चुका है और पूर्व स्वीकृति के तहत निर्मित हुआ है। ऐसे में यह प्रश्न उठा कि पहले से निर्मित परियोजना को मौजूदा बजट की उपलब्धि के रूप में कैसे प्रस्तुत किया जा सकता है?
“ट्रीपल इंजन” के बावजूद देरी क्यों?
प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायक ने स्वीकार किया कि कुछ पुराने प्रोजेक्ट में देरी हुई है। सरवानिया का बायोटेक्नोलॉजी पार्क और नीमच का सीएम राइज स्कूल जैसे कार्य अब भी लंबित हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द समाधान निकालकर काम को गति दी जाएगी। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि जब राज्य, केंद्र और शहर में एक ही दल की सरकार है, तो फिर परियोजनाओं में लगातार देरी क्यों? जवाबदेही किसकी तय होगी?
जनता की नजर अमल पर
बजट की घोषणाएं और दावे अपनी जगह हैं, लेकिन अब जनता की निगाह जमीनी हकीकत पर टिकी है। क्या वाकई नीमच जिले की तीनों विधानसभा को ठोस और नई सौगातें मिली हैं या फिर पुरानी योजनाओं को ही नए पैकेज में पेश किया गया है?
आने वाले महीनों में विकास कार्यों की रफ्तार ही तय करेगी कि यह बजट वास्तव में “जनहितैषी” साबित होता है या सियासी बहस तक सीमित रह जाता है।