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माँ की हत्या करने वाले पिता को बेटे ने दिलवाई सजा। शंकालु हत्यारे पति को आजीवन कारावास

डेस्क न्यूज़ 15 October, 2025 अन्य

नीमच। चार वर्ष पूर्व चरित्र शंका के कारण पत्नी की निर्मम हत्या करने वाले आरोपी पति को द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश आशुतोष यादव (मनासा, जिला नीमच) की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी को ₹2000 के अर्थदंड से भी दंडित किया गया।
प्रकरण की जानकारी देते हुए अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी एडीपीओ रितेश कुमार सोमपुरा ने बताया कि आरोपी रामलाल पिता भंवरलाल भील (59 वर्ष), निवासी ग्राम नलखेड़ा, तहसील मनासा के विरुद्ध यह फैसला सुनाया गया है।

घटना का विवरण:--
घटना दिनांक 11 अप्रैल 2021 की रात्रि लगभग 8:30 बजे की है। फरियादी अर्जुन (आरोपी का पुत्र) ने मनासा थाने में सूचना दी कि गर्मी के मौसम में पूरा परिवार खेत पर बनी झोपड़ी में रह रहा था। अर्जुन के अनुसार उसके पिता रामलाल को उसकी माता मुन्नीबाई के चरित्र पर शंका थी। इसी बात को लेकर पूर्व में भी उनके बीच विवाद हो चुका था।
घटना वाली रात भी इसी बात को लेकर कहासुनी हुई, जिसके बाद आरोपी ने कुल्हाड़ी से पत्नी के सिर पर दो-तीन बार हमला किया, जिससे मौके पर ही उसकी मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही मनासा थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
जांच अधिकारी निरीक्षक कन्हैयालाल डांगी ने मामले की विवेचना कर सभी वैज्ञानिक व अन्य आवश्यक साक्ष्य एकत्रित कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया।

अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी:--
मामले में शासन की ओर से एजीपी गुलाबसिंह चन्द्रावत ने फरियादी, चश्मदीद गवाहों और विवेचक के बयानों के माध्यम से न्यायालय में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए। उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि यह जघन्य अपराध है और आरोपी को कठोर दंड दिया जाना चाहिए।
साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और ₹2000 के अर्थदंड से दंडित किया।

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