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मैं पीड़ित हूं या अपराधी ? जनसुनवाई में गूंजा धोखाधड़ी का मामला, 5.64 लाख की जमीन सौदेबाजी पर आमने-सामने दोनों पक्ष

डेस्क न्यूज 17 February, 2026 अन्य

नीमच। कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई उस समय गंभीर हो गई, जब हनुमान नगर निवासी विष्णु शर्मा हाथ में आवेदन और दस्तावेज लेकर अधिकारियों के समक्ष पहुंचे। पीड़ा भरे स्वर में उन्होंने सवाल उठाया— “न्याय नहीं तो यह जनसुनवाई कैसी? मैं पीड़ित हूं या अपराधी?” उनके इस सवाल ने वहां मौजूद अधिकारियों और आमजन का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

5.64 लाख की धोखाधड़ी का आरोप
विष्णु शर्मा ने आरोप लगाया कि उनके साथ 5 लाख 64 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई। उनका कहना है कि अमृतलाल खारोल और उनके पिता ने शासकीय भूमि को निजी भूमि बताकर उनसे सौदा किया और पूरी राशि ले ली। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि जिस भूमि का विक्रय पत्र कराया गया, वह शासकीय भूमि है।

पीड़ित के अनुसार, जब उन्होंने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, तो आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय उनके खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर ली गई, जिससे वे मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं।

शासकीय भूमि पर कब्जे का आरोप
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि हीराबाई खारोल एवं रेखाबाई पाटीदार के नाम दर्ज निजी भूमि की आड़ लेकर उससे सटी कीमती शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा किया गया। विष्णु शर्मा ने इसे सुनियोजित षड्यंत्र बताते हुए मुख्य सूत्रधार के रूप में अमृतलाल खारोल और मुकेश पाटीदार को जिम्मेदार ठहराया है।

उन्होंने कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से संयुक्त एफआईआर दर्ज करने, सीमांकन कर शासकीय भूमि को कब्जामुक्त कराने तथा धोखाधड़ी की राशि आरोपियों से वसूलने की मांग की है।

आरोपों को बताया निराधार
वहीं, अमृतलाल खारोल ने सभी आरोपों को झूठा, मिथ्या और निराधार बताया है। उनका कहना है कि कुछ लोग अवैध रूप से रुपये मांग रहे हैं और दबाव बनाने के लिए झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।

अमृतलाल खारोल ने भी जनसुनवाई में विष्णु शर्मा सहित संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ शिकायती आवेदन प्रस्तुत कर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।

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