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वन विभाग के अधिकारियों पर फसल में आग लगाने के आरोप, आदिवासी परिवारों ने कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार 

न्यूज डेस्क 11 November, 2025 अन्य

नीमच | ग्राम रूपपुरा ब्लॉक, ग्राम पंचायत साकरियाखेड़ी के भील समाज के पांच आदिवासी परिवारों ने वन विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। पीड़ितों का कहना है कि वे अनुसूचित जनजाति के सदस्य हैं और पिछले सौ वर्षों से उक्त भूमि पर झोपड़ी बनाकर निवास कर रहे हैं। उन्होंने अपने परिश्रम से जमीन को काबिल-ए-काश्त बनाकर खेती कर जीवनयापन शुरू किया था।
पीड़ितों ने बताया कि वर्ष 2025 में बारिश के बाद उन्होंने मक्का की फसल बोई थी, जिसे काटकर एक स्थान पर इकट्ठा किया गया था। इसके बाद उसी खेत में गेहूं और लहसुन की फसल बोई गई। इसी दौरान वन विभाग के एसडीओ और अन्य अधिकारियों ने अवैध राशि की मांग की, और जब उन्होंने देने से इंकार किया, तो अधिकारी जेसीबी मशीन लेकर पहुंचे और खड़ी फसलों को नष्ट कर दिया। इतना ही नहीं, रखी हुई मक्का की फसल में आग लगाकर लगभग एक लाख रुपये का आर्थिक नुकसान भी पहुंचाया गया।
प्रार्थीगण ने बताया कि उन्होंने वनाधिकार अधिनियम के तहत अर्थदंड की राशि ऑनलाइन जमा करवाई थी और ग्राम पंचायत साकरियाखेड़ी द्वारा भूमि के पट्टे के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव भी पारित किया गया था, जिसकी प्रति आवेदन के साथ संलग्न है। बावजूद इसके अब तक उन्हें पट्टा जारी नहीं किया गया है।
पीड़ित सीताराम, प्रकाश, राधाबाई, रेखाबाई और लीलाबाई ने कलेक्टर से मांग की है कि वन विभाग के दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए, हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई कराई जाए, तथा वनाधिकार अधिनियम के तहत भूमि का पट्टा शीघ्र दिलाया जाए।

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