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जिला अस्पताल की ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया पर उठे सवाल ! दोहरे मानदंड का आरोप, आवेदकों ने कलेक्टर से की निष्पक्ष जांच की मांग

न्यूज डेस्क 11 November, 2025 अन्य

नीमच। जिला चिकित्सालय नीमच में रोगी कल्याण समिति द्वारा दुकानों और कैंटीन की ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इस संबंध में प्रीति माने और शैलेन्द्र मौर्य ने मंगलवार को जिला कलेक्टर को जनसुनवाई में आवेदन सौंपकर न्याय की मांग की है।
आवेदकों ने बताया कि रोगी कल्याण समिति द्वारा दो अलग-अलग टेंडर जारी किए गए थे — एक कैंटीन के लिए और दूसरा प्रथम तल स्थित दुकानों के लिए। दोनों ने नियमानुसार ऑनलाइन निविदा प्रपत्र भरकर जमा किया था। लेकिन अब टेंडर प्रक्रिया को लेकर कई अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं।
आवेदन में कहा गया है कि निविदा की शर्तों में कहीं भी यह उल्लेख नहीं है कि “एक ही आवेदन आने पर दुकान का आवंटन नहीं किया जाएगा”, जबकि उसी समिति द्वारा जारी कैंटीन की निविदा में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि “एक आवेदन आने पर भी आवंटन किया जाएगा।” ऐसे में दोनों टेंडरों में दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया गया है।
आवेदकों का कहना है कि उनकी टेक्निकल बिड पहले ही स्वीकृत हो चुकी है, इसलिए अब फाइनेंशियल बिड में उनकी बोली को स्वीकार किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जिला चिकित्सालय में पूर्व में कई निविदाएँ — जैसे मोबिलिटी वाहन की निविदा — एक ही आवेदन आने पर भी स्वीकृत की गई थीं। साथ ही नगरपालिका नीमच द्वारा भी कई भूखंड, भवन और दुकानों के एकल आवेदन पर आवंटन किए जाने के उदाहरण आवेदन के साथ संलग्न किए गए हैं।
प्रीति माने ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया पूरी हुए छह दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक परिणाम घोषित नहीं किया गया है, जिससे गड़बड़ी की संभावना बढ़ गई है।
आवेदकों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि पूरी ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए और नियमों के अनुरूप सफल बोलीदाता को आवंटन पत्र जारी किया जाए, ताकि रोगी कल्याण समिति की कार्यप्रणाली पर से विश्वास न डगमगाए और पारदर्शिता बनी रहे।

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