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पेंशन नहीं, राशन नहीं… मजबूरी में भीख मांग रहा दिव्यांग, जनसुनवाई में लगाई गुहार

डेस्क न्यूज़ 26 May, 2026 अन्य

नीमच। जिले के बिसलवास सोनगिरा गांव से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो शासन की योजनाओं और जमीनी हकीकत के बीच की दूरी को उजागर करती है। शारीरिक रूप से दिव्यांग भूरसिंह आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं और हालात इतने खराब हैं कि उन्हें भीख मांगकर जीवन यापन करना पड़ रहा है।

भूरसिंह पिता रामसिंह ने कलेक्टर जनसुनवाई में आवेदन देकर अपनी पीड़ा बताई। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से शासन की योजनाओं के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें न तो दिव्यांग पेंशन मिली और न ही राशन सुविधा का लाभ मिल पाया।

दिव्यांग होने के कारण उनका चलना-फिरना भी आसान नहीं है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें सरकार द्वारा दी जाने वाली बैटरी संचालित ट्राईसाइकिल तक उपलब्ध नहीं कराई गई। ऐसे में रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी उन्हें संघर्ष करना पड़ रहा है।

भूरसिंह ने बताया कि परिवार में उनका कोई सहारा नहीं है। आय का कोई स्थायी साधन भी नहीं है, जिससे मजबूरी में उन्हें भीख मांगकर पेट भरना पड़ता है। कई बार तो हालात ऐसे बन जाते हैं कि उन्हें भूखे-प्यासे ही दिन गुजारना पड़ता है।

उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनकी स्थिति को देखते हुए तत्काल मदद उपलब्ध कराई जाए। साथ ही दिव्यांग पेंशन, राशन सुविधा और ट्राईसाइकिल सहित अन्य योजनाओं का लाभ दिलाकर उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर दिया जाए।

यह मामला एक बार फिर सवाल खड़ा करता है—
जब योजनाएं कागजों में पूरी हैं, तो जमीनी स्तर पर भूरसिंह जैसे लोगों तक उनका लाभ क्यों नहीं पहुंच पा रहा?

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