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मालवा जन आक्रोश यात्रा जत्था नीमच पहुंचा, 24 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में मजदूर-किसान रैली

डेस्क न्यूज 14 March, 2026 अन्य

नीमच | भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) द्वारा जनविरोधी नीतियों के खिलाफ निकाली जा रही मालवा जन आक्रोश यात्रा का जत्था 9 मार्च को इंदौर से रवाना होकर 13 मार्च की शाम नीमच पहुंचा। यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने “लेबर कोड नहीं चलेगा”, “बिजली और बीज बिल वापस लो”, “जल-जंगल-जमीन से आदिवासियों की बेदखली बंद करो” और “भारत-अमेरिका डील रद्द करो” जैसे नारों के साथ 24 मार्च को दिल्ली चलो का आह्वान किया।

जत्था नीमच पहुंचने पर गांधी वाटिका में सभा आयोजित की गई। सभा को संबोधित करते हुए सीपीएम के वरिष्ठ राज्य कमेटी सदस्य कैलाश लिंबोदिया ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों से आदिवासियों के जल-जंगल-जमीन के अधिकार कमजोर हो रहे हैं और बड़े पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा को कमजोर करने और श्रम कानूनों को बदलने से मजदूर वर्ग प्रभावित हो रहा है।

किशोर जवेरिया ने कहा कि सरकार की नीतियों के खिलाफ किसानों, मजदूरों, छात्रों और युवाओं को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा और 24 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली में बड़ी संख्या में शामिल होना चाहिए।

जनवादी नौजवान सभा के कृपाल सिंह ने प्रदेश में बढ़ते सांप्रदायिक तनाव पर चिंता जताई। वहीं कॉमरेड निरंजन गुप्ता ‘राही’ ने बिजली बिल, बीज बिल और लेबर कोड को कॉर्पोरेट हितों से जुड़ा बताते हुए इसका विरोध किया। युवा साथी अरुण चंदेल ने मजदूरों के कार्य घंटे और अस्थायी रोजगार की समस्याओं को उठाया।

सभा के बाद जत्था नयागांव पहुंचा, जहां सीमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) के बंद कारखाने के श्रमिकों से मुलाकात की गई और गांधी चौक पर सभा आयोजित कर सीसीआई नयागांव को पुनः शुरू करने की मांग उठाई गई।

कार्यक्रम में वीणा देवी, मोतीलाल, नरेंद्र सिंह, दीपेश चंदेल, गुणवंत राठौर, मुकेश नागदा, पंकज नागदा, प्रियंका कविश्वर, उमाकांत सोलंकी, रमेश शर्मा, गोविंद जाट, रघुनंदन माली, राजेंद्र सिंह सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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