जगदीश पोरवाल
19 February, 2026
अन्य
भवानीमंडी। नगरपालिका क्षेत्र के भवानीमंडी और पचपहाड़ में इन दिनों आवारा सांडों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि आमजन का घर से निकलना भी जोखिम भरा हो गया है। बाजारों और मुख्य सड़कों पर सांडों की झुंडबंदी के चलते आए दिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन पालिका प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस और प्रभावी समाधान सामने नहीं आया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कस्बे के कई प्रमुख स्थानों पर सांड खुलेआम घूमते रहते हैं। अचानक आपस में भिड़ जाने से राहगीरों और दुकानदारों में अफरा-तफरी मच जाती है। बीते कुछ महीनों में कई बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं इनकी चपेट में आकर घायल हो चुके हैं। वहीं दोपहिया और चारपहिया वाहन भी इनकी टक्कर से क्षतिग्रस्त हो रहे हैं।
मेन बाजार में सांडों की ‘कुश्ती’, दहशत में व्यापारी
पचपहाड़ के मेन बाजार में आधा दर्जन से अधिक सांड अचानक आपस में भिड़ गए। करीब आधे घंटे तक चले इस ‘सांड युद्ध’ ने पूरे बाजार को रणभूमि में बदल दिया। दुकानों के बाहर खड़े वाहन क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि 3 से 4 लोगों को चोटें आईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हालात इतने भयावह थे कि लोग जान बचाकर दुकानों और घरों के भीतर छिपने को मजबूर हो गए।
आखिरकार व्यापारियों ने साहस दिखाते हुए लकड़ी और डंडों की मदद से सांडों को अलग किया और स्थिति पर काबू पाया। यदि समय रहते प्रयास नहीं किए जाते तो बड़ा हादसा हो सकता था।
पालिका पर लापरवाही के गंभीर आरोप
स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने नगरपालिका प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कई बार शिकायतें देने के बावजूद न तो सांडों को पकड़ने की ठोस कार्रवाई की गई और न ही स्थायी समाधान की दिशा में कोई पहल हुई। नागरिकों की मांग है कि आवारा सांडों को तत्काल पकड़कर गौशाला या सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाए, बाजार क्षेत्र में नियमित गश्त और निगरानी की व्यवस्था की जाए तथा घायल लोगों को उचित उपचार और मुआवजा दिया जाए।
लगातार बढ़ती घटनाओं से आमजन में रोष व्याप्त है। अब देखना यह है कि नगरपालिका और संबंधित प्रशासन इस गंभीर समस्या को कितनी प्राथमिकता देता है, क्योंकि फिलहाल भवानीमंडी और पचपहाड़ में सांडों का आतंक आमजन की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्नचिह्न बन चुका है।