डेस्क न्यूज
09 February, 2026
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नीमच | मध्यप्रदेश पटवारी संघ ने पटवारियों से जुड़ी लंबे समय से लंबित और न्यायोचित मांगों को लेकर शासन के खिलाफ आवाज बुलंद कर दी है। संघ की ओर से प्रमुख सचिव राजस्व विभाग, वल्लभ भवन भोपाल एवं आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन ग्वालियर के नाम एक विस्तृत ज्ञापन कलेक्टर प्रतिनिधि को सौंपा गया। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि यदि समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं हुआ तो पटवारी संघ आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।
संघ ने ज्ञापन में बताया कि प्रदेशभर में पदस्थ पटवारी पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कई प्रशासनिक और तकनीकी समस्याएं उनके काम को बेहद कठिन बना रही हैं। इनमें सबसे बड़ी समस्या जियोटैग गिरदावरी को लेकर सामने आ रही है। शासन द्वारा बीते तीन वर्षों से सर्वेयरों के माध्यम से गिरदावरी कराए जाने का प्रावधान है, लेकिन मानदेय का भुगतान नहीं होने से सर्वेयर कार्य नहीं कर रहे। इसका पूरा भार अब पटवारियों पर डाल दिया गया है, जिन्हें 5 से 10 हजार खसरों की जियोटैग गिरदावरी करनी पड़ रही है, जो व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। संघ ने पटवारी आईडी से खसरा आधारित जियोटैग हटाकर ग्राम स्तर पर गिरदावरी कराने की मांग की है।
फार्मर आईडी को लेकर भी संघ ने गंभीर आपत्तियां जताईं। बताया गया कि यह कार्य सीएससी सेंटर और एमपी ऑनलाइन के माध्यम से भुगतान के आधार पर कराया जा रहा है, फिर भी पटवारियों पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। पोर्टल की तकनीकी खामियां, ओटीपी संबंधी समस्याएं, खातेदारों की अनुपलब्धता और खसरे पेंडिंग दिखने जैसी दिक्कतों के कारण काम प्रभावित हो रहा है, जिनका तत्काल समाधान जरूरी है।
नव नियुक्त पटवारियों को 100 प्रतिशत वेतन नहीं मिलने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। संघ ने कहा कि नियुक्ति के समय किए गए वादे के बावजूद अब तक आदेश जारी नहीं हुआ है, जबकि हाईकोर्ट जबलपुर भी 100 प्रतिशत वेतन और एरियर भुगतान के निर्देश दे चुका है। इसके अलावा भत्तों में कटौती, स्वामित्व योजना, कृषि एवं लघु सिंचाई संगणना के लंबित मानदेय, ऑनलाइन कार्यों के लिए मोबाइल भत्ता, सीएम हेल्पलाइन में अनावश्यक दबाव और अवकाश के दिनों में बैठकों के आयोजन जैसे मुद्दे भी ज्ञापन में शामिल किए गए।
पटवारी संघ ने दो टूक कहा है कि यदि इन सभी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।