डेस्क न्यूज़
27 January, 2026
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नीमच | नीमच जिले की तहसील मनासा में तहसीलदार द्वारा बिना पूर्व सूचना संपत्ति नीलामी किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस प्रकरण को लेकर आवेदक विकास बांगा ने कलेक्टर नीमच को आवेदन सौंपते हुए नीलामी आदेश पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
आवेदक ने आरोप लगाया है कि यह कार्रवाई नियमों के विरुद्ध है और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन करती है। विकास बांगा के अनुसार उन्होंने अक्षय क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी, मनासा से लिया गया ऋण पूर्ण रूप से चुका दिया था, इसके बावजूद समान नाम की अक्षय क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी, मंदसौर द्वारा कथित तौर पर गलत तथ्यों के आधार पर कुर्की का आवेदन प्रस्तुत किया गया।
इस मामले को लेकर आवेदक द्वारा पूर्व में कलेक्टर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिस पर सहकारिता विभाग द्वारा जांच कराई गई। जांच में संस्था द्वारा गंभीर अनियमितताएं किए जाने की पुष्टि हुई।
सहकारिता विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर 9 जनवरी 2026 को अक्षय क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी, मनासा का संचालक मंडल भंग कर दिया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि ऋण खातों का अवैधानिक रूप से दूसरी संस्था में अंतरण किया गया था, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
आवेदक का आरोप है कि प्रकरण लंबित होने और उनके द्वारा विधिवत आपत्तियां प्रस्तुत किए जाने के बावजूद तहसीलदार द्वारा संपत्ति नीलामी का आदेश पारित कर दिया गया। नीलामी की जानकारी उन्हें 26 जनवरी को अन्य माध्यम से मिली, जबकि नियमानुसार नीलामी से कम से कम 15 दिन पूर्व सूचना देना अनिवार्य है, जिसका पालन नहीं किया गया।
विकास बांगा ने कलेक्टर को सौंपे आवेदन में कहा है कि यदि नीलामी प्रक्रिया पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई तो उन्हें अपूरणीय आर्थिक और सामाजिक क्षति उठानी पड़ेगी। उन्होंने मांग की है कि आपत्तियों का निराकरण होने तक नीलामी प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए, अन्यथा किसी भी अप्रिय स्थिति की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।