डेस्क न्यूज
22 December, 2025
अन्य
नीमच। रेलवे कर्मचारियों के अंशदान से संचालित जेसी बैंक के निदेशक मंडल के चुनाव 22 दिसंबर को शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं पूर्ण पारदर्शिता के साथ सम्पन्न हुए। चुनावी प्रक्रिया की शुरुआत 17 नवंबर को मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ हुई थी, जिसमें रतलाम रेल मंडल सहित पश्चिम रेलवे के विभिन्न मंडलों के कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
उल्लेखनीय है कि रेलवे कर्मचारियों को बच्चों के विवाह, शिक्षा एवं अन्य व्यक्तिगत आवश्यकताओं के लिए नाममात्र ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जेसी बैंक की स्थापना की गई थी। बैंक का मुख्यालय मुंबई में स्थित है और देशभर में इसके सदस्य कार्यरत हैं। बैंक की वार्षिक बैठकों में कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए ऋण की ब्याज दरों में बदलाव, नई सुविधाओं के विस्तार तथा नीतिगत निर्णय लिए जाते हैं।
परंपरागत रूप से जेसी बैंक के चुनावों में वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाइज यूनियन एवं वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ के बीच मुकाबला होता रहा है, लेकिन इस बार समीकरण कुछ बदले नजर आए। जुलाई माह में हुए रेलवे संगठनों के चुनाव में भारतीय रेल मजदूर संघ को देशव्यापी मान्यता मिलने के बाद पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद के रूप में तीसरा विकल्प भी कर्मचारियों के सामने आया है। पश्चिम रेलवे के कई क्षेत्रों में इस संगठन ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए दूसरा या तीसरा स्थान हासिल किया, जिससे चुनाव और अधिक रोचक बन गया।
22 दिसंबर को हुए जेसी बैंक चुनाव में वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाइज यूनियन, रतलाम मंडल की ओर से अशोक कुमार तिवारी, नमिता कुमायूं, अर्पित जैन एवं पूर्व जेसी बैंक डायरेक्टर वाजिद खान मैदान में थे। वहीं वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ की ओर से राजेंद्र चौधरी, रश्मि चौधरी, नीलम निरंजन लाल और सचिन मिश्रा ने अपनी दावेदारी प्रस्तुत की।
प्रोसीडिंग ऑफिसर जयदीप गोस्वामी ने बताया कि जेसी बैंक रतलाम डिवीजन 2025 के चुनाव सोमवार 22 दिसंबर को आयोजित किए गए। मतदान सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक चला, जिसमें बैंक सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। नीमच में कुल 273 मतदाता थे, जिन्होंने तीन अलग-अलग मतदान केंद्रों पर मतदान कर अपने पसंदीदा प्रत्याशियों के पक्ष में वोट डाले।
चुनाव की मतगणना 24 दिसंबर को की जाएगी, जिसके बाद विजयी उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। फिलहाल सभी प्रत्याशियों एवं कर्मचारियों की निगाहें परिणामों पर टिकी हुई हैं।