डेस्क न्यूज
18 November, 2025
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नीमच। जावद तहसील के ढाबी गांव की निवासी चन्द्रिबाई ने अपनी पैतृक कृषि भूमि पर फर्जीवाड़े और अवैध कब्जे का गंभीर आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपा है। पीड़िता का कहना है कि कुछ लोगों ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उसकी मां राधीबाई के नाम की कृषि भूमि को जालसाजी से अपने नाम दर्ज करा लिया, जबकि वर्षों से वह स्वयं इस जमीन पर खेती कर रही है।
आवेदन के अनुसार मौजा भोलियावास स्थित सर्वे नंबर 295/मिन-01, रकबा 0.2500 हेक्टेयर भूमि वर्ष 2001 में विधिवत पंजीयन के साथ चन्द्रिबाई की मां राधीबाई ने खरीदी थी। मां के निधन के बाद यह भूमि कानूनी उत्तराधिकारी के रूप में चन्द्रिबाई के नाम दर्ज थी और वह लगातार इसकी खेती कर रही थीं। लेकिन हाल ही में तहसील से नकल निकलवाने पर पता चला कि भूमि का नामांतरण बदलकर किसी अन्य व्यक्ति के नाम कर दिया गया है। पीड़िता के अनुसार यह नामांतरण पूरी तरह फर्जी, जाली और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर किया गया है।
चन्द्रिबाई ने बताया कि जब वह और उनका पुत्र इस मामले में विपक्षी रामगोपाल धाकड़ से चर्चा करने पहुंचे, तो उसने धमकी देते हुए कहा— “फर्जी रजिस्ट्रियां हम कई बार करा चुके हैं, पुलिस में कई मामले लंबित हैं, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। यह जमीन मैं बेच भी दूँगा, रोक सको तो रोक लो।” इस कथन से परिवार में भय और तनाव का माहौल है।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि विपक्षियों ने संगठित तरीके से दस्तावेजों में हेरफेर कर जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है, जबकि उसका वैध स्वामित्व वर्षों से राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज था। न्याय की तलाश में वह कई वर्षों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
चन्द्रिबाई ने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की जाए और उसकी पैतृक भूमि का वास्तविक स्वामित्व पुनः बहाल कराया जाए।