तबरेज अगवान
25 October, 2025
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नीमच। नीमच की भाजपाई राजनीति में चेहरों पर मुस्कान और अंदरखाने तूफान मचा है। यह सब तब सामने आया जब 23.10.2025 को मध्यप्रदेश भाजपा कमेटी भोपाल से एक सूची जारी हुई और उसमें नीमच के पूर्व जिलाध्यक्ष पवन पाटीदार का नाम आंखो के सामने आया। इस सूची में पाटीदार को पिछड़ा वर्ग का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
भाजपा में जिलास्तर पर कई पदों पर रहे पवन पाटीदार को पहली बार ऐसा मौका मिला, जब वे सत्तारूढ़ भाजपा की प्रदेश ईकाई के बीच कदमताल करेगें। हालांकि वह साल 2010 में जनप्रतिनिधी के रूप में जिला पंचायत सदस्य की कमान संभाल चुके हैं। जबकि जिलाध्यक्ष वंदना खण्डेलवाल से पूर्व पांच साल जिलाध्यक्ष का दायित्व पवन पाटीदार संभाल चुके है।
जिलाध्यक्ष रहते हुए पवन पाटीदार का वह दौर रहा जब वह नीमच में भाजपा के अंदर खाने गुटबाजी का शोर सुनाई दिया, और सिर्फ अंदरखाने ही नही बल्कि पोस्टर वार, लोकार्पण बोर्ड, बीच सड़क पर नाम मिटाओ, पोस्टर फाड़ो और तनातनी की खबरें भी सामने आने लगी।
यह आरोप सिर्फ विधायक दिलीपसिंह परिहार तक सीमित नही रहे बल्कि जावद विधायक ओमप्रकाश सकलेचा और मनासा विधायक अनिरूद्ध माधव मारू से भी जुड़े रहे। ऐसा तब हुआ जब कार्यकर्ता उन्हे अपना विधायक मानने लगे और हाईकमान तक भावी विधायक की खबरें पहुंचाते हुए उन्हे नीमच - मनासा और जावद कहीं से भी भाजपा केंडिडेंट के लिए उपयुक्त बताने लगे।
यही वह समय रहा जब पवन पाटीदार तीनों विधायकों के रडार पर आ गए।
भाजपा जिलाध्यक्ष से पाॅवर जाने के बाद बीते 10 महिनों से राजनीतिक रूप से पवन पाटीदार ओझल हो गए और अचानक ओबीसी वर्ग के प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त होते ही नीमच शहर का माहौल बदल गया।
बधाईयों का दौर शुरू हुआ और जो नेता हाशिए पर जाने और कटप्पा गैंग के खिताब से नवाजते नजर आते थे। अब वही लोग चेहरे पर मुस्कान बिखेरे सामने आ रहे हैं, लेकिन अंदरखाने बवंडर मचा है।
बात अगर गुटबाजी की करें तो प्रदेश अध्यक्ष पद पर नियुक्ति भले नई है लेकिन गुटबाजी वही पुरानी है।
यह पवन पाटीदार की प्रदेश अध्यक्ष पद पर ताजपोशी के बाद आयोजित पहले कार्यक्रम में ही सामने आ गया। भाजपा कार्यालय पर शुक्रवार को दिपावली मिलन समारोह और आत्मनिर्भर भारत सम्मेलन आयोजित हुआ। उसमें सांसद सुधीर गुप्ता, जिलाध्यक्ष वंदना खंडेलवाल, विधायक दिलीपसिंह परिहार मुख्य रूप से मौजूद रहे और सैकड़ो कार्यकर्ता भी तपोभूमि पर कार्यक्रम में शिरकत करने आए। इस दौरान भाजपा कार्यालय पर पवन पाटीदार की भी एन्ट्री मय समर्थकों के साथ हुई। जहां पवन पाटीदार ने सभी कार्यकर्ताओं और पदााधिकारियों को संबोधित किया।
कार्यक्रम के बाद जिला भाजपा की तरफ से एक प्रेसनोट जारी किया गया। जिसमें सांसद, जिलाध्यक्ष, विधायक और यहां तक कार्यक्रम प्रभारी का भी उदबोधन शामिल किया गया लेकिन पवन पाटीदार के भाषण और उनकी उपस्थिति को वो तरज़ीह नही मिली जिसके वे हकदार थे।
पहला ऐसा मौका रहा जब प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पवन पाटीदार भाजपा दफ्तर आए, लेकिन गुटबाज़ी की सुई अब तक नेताओं को चुभती रही और वहीं नाम मिटाओं, नाम छुपाओं की टीस उस प्रेसनोट में भी झलक रही है जिसकी चर्चा हो रही है।
ख़ैर चाहे प्रदेश की राजनीति से पवन का नाम जुड़ गया हो लेकिन नीमच में नेताओं को पवन पाटीदार में एक "गुट" ही नज़र आ रहा है। जिसका "बोनी बट्टा"भी पहले ही दिन से शुरू हो गया।