डेस्क न्यूज़
30 September, 2025
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नीमच। कुछ लोग मर कर भी अमर हो जाते हैं, सेवा का भाव हो तो मौत के बाद भी मानव कल्याण किया जा सकता है…यह साबित किया सीआरपीएफ के सेवानिवृत्त कांस्टेबल लक्ष्मणसिंह सिसौदिया (85) के परिवार ने। रविवार रात उनके निधन के बाद परिवारजनों ने स्व. सिसोदिया की अंतिम इच्छा अनुसार उनका पार्थिव शरीर मेडिकल कॉलेज, नीमच को देहदान कर नया जीवन संदेश दिया। यह मेडिकल कॉलेज को मिला अब तक का सातवां देहदान है।
सोमवार दोपहर राम अवतार कॉलोनी, बघाना-धनेरियाकलां रोड स्थित निवास से देहदान यात्रा निकाली गई, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई मेडिकल कॉलेज परिसर पहुंची। यहां राज्य शासन की ओर से दिवंगत सिसौदिया को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान शहरभर की संस्थाओं और सामाजिक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
घर पर सीआरपीएफ के अधिकारियों ने डीजी की ओर से पुष्पचक्र अर्पित कर सम्मान प्रकट किया। लायंस कल्ब और रोटरी कलब के सदस्यों ने भी उन्हें पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की. एडवोकेट महेन्द्रसिंह और राजेन्द्रसिंह सिसौदिया के पिता लक्ष्मणसिंह सिसौदिया हाल ही में हर्निया ऑपरेशन के बाद स्वस्थ थे, लेकिन अल्प बीमारी के चलते उनका निधन हो गया।
मेडिकल कॉलेज डीन आदित्य बराड़ ने कहा कि - श्री सिसौदिया का देहदान न सिर्फ चिकित्सा छात्रों के लिए अमूल्य योगदान है, बल्कि समाज को एक प्रेरणा भी है। हम उनके परिवार के इस निर्णय के लिए हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।
महर्षि दधीचि नेत्र-अंग-देहदान यज्ञ संस्थान के माध्यम से हुए इस देहदान के अवसर पर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ.आदित्य बराड़, अभिभाषकगण, रोटरी क्लब, लायंस कल्ब, समाजजन और विभिन्न संगठनों के सदस्यों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।