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50 हजार में हत्या की सुपारी, पुलिस के सामने कबूलनामे के बावजूद कार्रवाई नहीं ? पीड़ित ने आईजी ओर डीआईजी से की न्याय की मांग 

डेस्क न्यूज़ 30 September, 2025 अन्य

नीमच। मनासा निवासी पप्पु उर्फ अशोक मालवीय ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी हत्या और शारीरिक क्षति की साजिश का खुलासा होने के बावजूद अब तक आरोपियों पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है। मंगलवार को उन्होंने अपने परिजनों और समाजजनों के साथ मिलकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आईजी भोपाल और डीआईजी उज्जैन के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में पप्पु मालवीय ने बताया कि 13 सितंबर 2025 को उनके मोबाइल पर राहुल किर का फोन आया, जिसमें उसने खुलासा किया कि करीब 20-25 दिन पूर्व गणपत मेघवाल (निवासी केली, राजस्थान) ने हरीश माली (निवासी मनासा) के माध्यम से उन्हें विक्की जैन से मिलवाया था। विक्की जैन ने पप्पु मालवीय की दुकान, घर और गाड़ी की पहचान करवाई और कथित रूप से ₹50,000 की सुपारी देकर उनके हाथ-पैर व रीढ़ की हड्डी तोड़ने की साजिश रची।
इस मामले में पप्पु मालवीय ने उसी दिन थाना मनासा में लिखित शिकायत भी दी थी। पुलिस द्वारा की गई प्राथमिक विवेचना में सभी आरोपियों के बयान दर्ज किए गए, जिनमें सुपारी देने की बात को आरोपियों ने स्वीकार भी किया। इतना ही नहीं, पीड़ित ने पुलिस को ऑडियो और वीडियो जैसे महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य भी सौंपे।

आरोपियों को मिल रहा संरक्षण?
पीड़ित का आरोप है कि पुलिस के पास पर्याप्त साक्ष्य और आरोपियों के स्वीकारोक्ति बयान होने के बावजूद थाना मनासा द्वारा अब तक FIR दर्ज नहीं की गई है। उल्टा, आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और धमकियां दे रहे हैं। विक्की जैन द्वारा कथित तौर पर कहा गया है कि उसने पुलिस के सामने सबकुछ स्वीकार किया है, लेकिन पैसों के दम पर कार्रवाई रुकवा दी है।

साक्ष्य के आधार पर तत्काल कार्रवाई हो
पप्पु मालवीय ने आईजी और डीआईजी से मांग की है कि उपलब्ध साक्ष्यों और आरोपियों की स्वीकारोक्ति को ध्यान में रखते हुए तत्काल प्रकरण दर्ज किया जाए और उनकी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि न्याय की उम्मीद कायम रहे।

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