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मेडिकल कॉलेज के डीन के इस्तीफ़े की मांग को लेकर जयस ने नीमच में किया चक्काजाम

डेस्क न्यूज 25 September, 2025 अन्य

नीमच। एमवाय अस्पताल में चूहों के काटने के बाद दो नवजातों की मौत के मामले को लेकर जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) ने नीमच में भी जोरदार प्रदर्शन किया। इंदौर में तीन दिन से प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ.अरविंद घनघोरिया और सुपरिटेंडेंट डॉ. अशोक यादव को सस्पेंड करने की मांग कर रहे हैं।

नीमच में भी जयस संगठन के बैनर तलें ‘जय जोहार’ के नारों के साथ आदिवासी युवा फव्वारा चौक पहुंचे और रास्ता बंद कर दिया। सूचना पर केंट पुलिस के जवान भी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। युवाओं ने पूरी सड़क को जाम कर दिया और इंदौर एमवाय अस्पताल डीन और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जयस द्वारा स्वास्थ्य मंत्री से भी इस्तीफा माँगा जा रहा है।

नीमच जयस जिलाध्यक्ष बद्रीलाल ने बताया कि इंदौर में चूहों के काटने के बाद आदिवासी समुदाय के दो बच्चों की अस्पताल में ही मौत हो गयी। इस मामले में प्रबंधन द्वारा लीपापोती की गई और मामलें को दबाने का प्रयास किया गया। हम चाहते हैं कि पीड़ित परिवार को न्याय मिले। जिम्मेदारों को सजा मिले। हमारे संगठन ने इंदौर में और हमने नीमच में चक्काजाम किया है। जब तक न्याय नही मिलता यह धरना जारी रहेगा।

उधर एमवाय अस्पताल अधिकारीकर्मचारी संयुक्त मोर्चा का जयस के खिलाफ प्रदर्शन
मोर्चा का आरोप है कि मामले में शासन द्वारा ठोस कार्रवाई करने के बावजूद जयस द्वारा ब्लैकमेलिंग की नीयत से प्रदर्शन किया जा रहा है। इससे अस्पताल का पूरा काम प्रभावित हो रहा है। साथ ही मरीजों, अटैंडर्स को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मोर्चा के प्रतिनिधि डॉ. डी.के. शर्मा का कहना है कि जयस और अन्य संगठन बेवजह मरीजों को परेशान कर रहे हैं और अस्पताल में इलाज में रुकावट डाल रहे हैं। वे प्रशासन की अनुमति के बिना प्रदर्शन कर रहे हैं।

अस्पताल के बाहर जयस और मोर्चा कार्यकर्ताओं में नारेबाजी
दोपहर को अस्पताल के बाहर दोनों पक्षों में नारेबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। हंगामे की स्थिति देख पुलिस मौके पर पहुंची और स्ट्रेचरों से अस्थायी बैरिकेड बनाकर टकराव रोकने की कोशिश की। जयस के राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेश मुजाल्दा ने आरोप लगाया कि डीन व प्रशासन आंदोलन को कुचलने के लिए पुलिस और कर्मचारियों का उपयोग रहे हैं। उन्होंने कहा कि नवजात की मौत मानवता के लिए शर्मनाक है और यह आंदोलन न्याय दिलाने को लेकर है। दूसरी ओर एमजीएम मेडिकल कॉलेज के पूर्व छात्र संघ ने भी जयस आंदोलन को समर्थन देकर मामले को और तूल दे दिया है।

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