ताजासमाचार

किसानों ने भरी हुंकार, विशाल रैली निकालकर समस्याओं के समाधान की उठाई मांग

डेस्क न्यूज़ 15 September, 2025 अन्य

नीमच | भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में सोमवार को नीमच में किसानों की समस्याओं को लेकर एक विशाल रैली निकाली गई। यह रैली दशहरा मैदान से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई कलेक्टर कार्यालय पहुंची, जहां किसानों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपे। रैली में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए और उन्होंने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जोरशोर से उठाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए ज्ञापन में राष्ट्रीय स्तर की प्रमुख मांगें रखी गईं, जिनमें कृषि यंत्रों और इनपुट पर से जीएसटी समाप्त करने, जीएम फसलों पर प्रतिबंध जारी रखने, कपास पर हटाई गई इंपोर्ट ड्यूटी बहाल करने, भूमि अधिग्रहण कानून में समानता लाने और किसानों को सरल प्रक्रिया में कृषि लोन उपलब्ध कराने जैसी मांगें शामिल थीं। इसके अलावा सभी फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी, जैविक किसानों को सब्सिडी, किसान सम्मान निधि में महंगाई के अनुसार बढ़ोतरी और फसल बीमा योजना में पारदर्शिता लाने की भी मांग की गई।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम ज्ञापन में प्रदेश स्तर की समस्याओं को उजागर किया गया। किसानों ने फसल बीमा के दावों का पारदर्शी ढंग से भुगतान करने, खरीफ और रबी की सभी फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी, उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता, कृषि यंत्रों पर अनुदान, जंगली पशुओं से फसल सुरक्षा के लिए तारफेंसिंग पर सहायता और भारतीय गोवंश के दूध पर प्रोत्साहन राशि देने की मांग की। साथ ही बिजली समस्या को लेकर विशेष जोर देते हुए कहा गया कि जले ट्रांसफार्मर 24 घंटे में बदले जाएं, नए स्थायी कनेक्शन दिए जाएं और गलत बिलिंग पर रोक लगे। राजस्व विभाग से जुड़े मामलों में नामांतरण व फौती तत्काल करने, परंपरागत रास्तों का नक्शों में अंकन करने और किसानों के साथ व्यवहार में पारदर्शिता लाने की मांग की गई।
स्थानीय समस्याओं को लेकर कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में जिले में अतिवृष्टि व बीमारियों से नष्ट हुई खरीफ फसलों का शीघ्र सर्वे कर राहत देने, बीमा से वंचित किसानों को लाभ दिलाने, रबी सीजन के लिए खाद व बिजली की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और खराब सड़कों की मरम्मत की मांग की गई। इसके अलावा कृषि उपज मंडियों में स्वच्छता व शौचालय व्यवस्था, अवैध आढ़त प्रथा पर रोक और जिले के गांवों को प्रधानमंत्री सड़क योजना से जोड़ने की भी मांग की गई। अफीम किसानों ने डोडा चूरा नीति में सुधार और समर्थन मूल्य बढ़ाने का मुद्दा भी उठाया।
भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष सुरेशचंद धाकड़ और नीलेश पाटीदार ने कहा कि संगठन लगातार किसानों के हक की लड़ाई लड़ रहा है और जब तक किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह संघर्ष शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।

Related Post