डेस्क न्यूज़
12 September, 2025
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नीमच | महिला स्वयं सहायता समूह महासंघ (म.प्र.) के अंतर्गत एमडीएम एवं सांझा चूल्हा रसोइया संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के पहले दिन ही क्लेक्टर कार्यालय स्थित हनुमान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में महासंघ के सदस्य एकत्र हुए और जोरदार प्रदर्शन किया।
हड़ताल का व्यापक असर जिलेभर में देखने को मिला। पीडीएस दुकानों के बंद रहने से 100 से अधिक दुकानें प्रभावित हुईं, जिससे आमजन को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में कठिनाई का सामना करना पड़ा। हड़ताल में पीडीएस दुकान समूह, भंडारण संचालक और सेल्समैन शामिल हैं।
ये हैं प्रमुख मांगें:
समान मानदेय की मांग:
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्राथमिक कृषि सेवा सहकारी (फैक्स) दुकानों के सेल्समैन को 3000 रुपये अतिरिक्त मानदेय देने की घोषणा की गई थी, जबकि महिला स्वयं सहायता समूहों की दुकानों पर भी वही कार्य होते हैं। महासंघ ने इस भेदभाव को समाप्त कर समान मानदेय दिए जाने की मांग की है।
पूर्व में कटे TDS का भुगतान:
भंडारण केंद्रों और दुकानों से जुड़े संचालकों ने पूर्व में कटे टीडीएस की राशि का शीघ्र भुगतान और भविष्य में टीडीएस कटौती बंद करने की मांग रखी।
अतिरिक्त सहायक की नियुक्ति:
महिला सेल्समैन को पीडीएस वितरण के दौरान पॉस मशीन से वितरण के साथ खाद्यान्न की तुलाई का कार्य भी करना पड़ता है, जो व्यवहारिक रूप से संभव नहीं। अतः एक अतिरिक्त सहायक (तुलावटी) नियुक्त किए जाने की मांग की गई है।
खाद्यान्न की कमी की पूर्ति:
वेयरहाउस से दुकानों तक परिवहन के दौरान लगभग एक क्विंटल पर 3 किलो खाद्यान्न की घटती दर्ज होती है। महासंघ ने इस कमी की पूर्ति हेतु अतिरिक्त खाद्यान्न का अलग से आवंटन मांगा है।
गोदाम और सुरक्षा व्यवस्था:
खाद्यान्न की सुरक्षा के लिए नए गोदामों की आवश्यकता बताई गई है, ताकि भंडारण सुरक्षित हो सके।
कमीशन एवं खर्चों का वहन:
भंडारण दुकानों का वर्तमान कमीशन ₹90 प्रति क्विंटल से बढ़ाकर ₹200 प्रति क्विंटल करने की मांग की गई है। साथ ही, पॉस मशीन चार्जर, स्कैनर, बिजली बिल, स्टेशनरी और दुकान किराया जैसे खर्च शासन द्वारा वहन किए जाने की मांग की गई है।
नवीनीकरण की अवधि में बदलाव:
वर्तमान में दुकानों का नवीनीकरण हर तीन वर्ष में होता है, जिसे बढ़ाकर पांच वर्ष किए जाने की मांग की गई है।
महासंघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, हड़ताल जारी रहेगी।