109 ग्राम पंचायतों को स्वच्छता का मंत्र, सीईओ अमन वैष्णव ने दिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश
नीमच। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से बुधवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में दो हजार से अधिक आबादी वाली जिले की 109 ग्राम पंचायतों के सरपंचों, सचिवों एवं जीआरएस की कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026, कचरा प्रबंधन, कर संग्रहण एवं नल-जल योजनाओं के बेहतर संचालन को लेकर विस्तार से जानकारी एवं मार्गदर्शन दिया गया।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अमन वैष्णव ने कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ गांवों के निर्माण में सरपंचों की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करते हुए ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना होगा।
सीईओ ने निर्देश दिए कि सभी सरपंच अपने-अपने क्षेत्रों में पंचों की बैठक आयोजित कर नए नियमों की जानकारी ग्रामीण स्तर तक पहुंचाएं। साथ ही होटल, ढाबा, अस्पताल, रेस्टोरेंट, औद्योगिक इकाइयों एवं शैक्षणिक संस्थानों जैसे बल्क वेस्ट जनरेटर का चिन्हांकन कर उनसे नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की कार्रवाई करें।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में उपलब्ध कचरा संग्रहण वाहन, सेग्रीगेशन शेड एवं कचरा भंडारण केंद्रों का बेहतर उपयोग किया जाए, ताकि ग्रामीणों को नियमित स्वच्छता सेवाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने ऑनलाइन स्वच्छता कर प्रणाली की जानकारी देते हुए पंचायतों को स्वच्छता कर, जल कर एवं प्रकाश कर की प्रभावी वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कार्यशाला में नल-जल योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव से जुड़े अधिकारों तथा राजपत्र के प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। इस दौरान सरपंचों एवं सचिवों ने कर संग्रहण में आ रही व्यावहारिक समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया, जिनके शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया गया।
कार्यशाला में अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, विभिन्न जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित जिले की 109 ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव एवं जीआरएस उपस्थित रहे।
