2 घंटे बस में सफर कर जनजाति अंचल पहुंचे कलेक्टर, खातीखेड़ा में सुनी समस्याएं; पानी, सड़क और स्कूल पर मौके पर फैसले

  नीमच
  डेस्क न्यूज
  03 June, 2026
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'प्रशासन आपके द्वार' शिविर में ग्रामीणों को बड़ी राहत, डेढ़ माह में हर घर नल और मिडिल स्कूल को हाई स्कूल बनाने का प्रस्ताव

नीमच। जिले के सुदूर जनजाति बाहुल्य ग्राम खातीखेड़ा में बुधवार को प्रशासन सचमुच ग्रामीणों के द्वार पहुंचा। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा स्वयं जिला अधिकारियों के साथ करीब दो घंटे बस में सफर कर गांव पहुंचे और जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर कई मामलों में मौके पर ही निर्णय लिए।

शाम 4 बजे कलेक्ट्रेट परिसर से रवाना हुआ प्रशासनिक अमला करीब 6 बजे खातीखेड़ा पहुंचा। कलेक्टर के साथ जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव, एडीएम बी.एस. कलेश, वनमंडलाधिकारी एस.के. अटोदे, एसडीएम प्रीति संघवी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

शिविर में ग्रामीणों ने सबसे अधिक पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी समस्याएं रखीं। इस पर जल निगम के अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि डेढ़ माह के भीतर तीनों गांवों में ‘हर घर नल’ योजना के तहत प्रत्येक घर तक पेयजल कनेक्शन पहुंचाया जाएगा। वहीं पाइपलाइन कार्य के बाद अधूरे पड़े सड़क मरम्मत कार्य को तीन दिन में पूरा करने के निर्देश दिए गए।

ग्रामीणों द्वारा प्रसूति सुविधा की मांग उठाए जाने पर कलेक्टर ने बताया कि डिकेन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में यह सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि किसी भी गर्भवती महिला को उपचार या प्रसूति सुविधा से वंचित नहीं रखा जाए तथा समन्वय बनाकर सेवाएं सुनिश्चित की जाएं।

शिक्षा के क्षेत्र में भी ग्रामीणों को बड़ी सौगात मिली। कलेक्टर ने खातीखेड़ा के मिडिल स्कूल को हाई स्कूल में उन्नयन करने का प्रस्ताव तत्काल शासन को भेजने के निर्देश दिए। साथ ही जिले के अन्य ऐसे गांवों की सूची तैयार करने को कहा जहां स्कूल उन्नयन की आवश्यकता है।

शिविर में ग्रामीणों ने घरों के ऊपर से गुजर रही बिजली लाइनों की समस्या भी रखी। इस पर कलेक्टर ने विद्युत विभाग को सर्वे कर लाइन शिफ्टिंग के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। वहीं वन एवं राजस्व भूमि से जुड़े विवादों के समाधान के लिए संयुक्त टीम बनाकर मौके पर जांच करने को कहा गया।

कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने सभी विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए और ग्रामीणों को जल्द राहत मिले।

जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम पंचायत सरपंच शांतिबाई मदन गुर्जर, क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, सरपंचगण, महिलाएं और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। शिविर के दौरान प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सीधा संवाद देखने को मिला, जिससे लोगों में समस्याओं के समाधान को लेकर नई उम्मीद जगी।