41 लाख डूबे, मकान-बिके प्लॉट भी गए: पत्नी और मासूम बच्चों संग एसपी दफ्तर पहुंचा कारोबारी, बोला- अब न्याय चाहिए
नीमच। मनासा के एक प्रॉपर्टी कारोबारी ने करोड़ों के सपने दिखाकर लाखों की रकम हड़पने का आरोप लगाते हुए बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में न्याय की गुहार लगाई। खास बात यह रही कि पीड़ित अपनी पत्नी और दो मासूम बच्चों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचा, जहां उसने कथित धोखाधड़ी के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि पांच दिन के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो वह परिवार सहित धरने पर बैठेगा।
मनासा निवासी प्रॉपर्टी कारोबारी मोइउद्दीन मंसुरी ने आरोप लगाया कि शालीमार कॉलोनी में हिस्सेदारी और बड़े मुनाफे का सपना दिखाकर उससे 41 लाख 40 हजार रुपए का निवेश कराया गया। इस राशि की व्यवस्था के लिए उसने अपने दो प्लॉट बेच दिए, मकान तक बेच दिया और पिता से भी आर्थिक सहयोग लिया।
मोइनुद्दीन का आरोप है कि निवेश के बाद उसे लगातार भरोसे दिए जाते रहे, लेकिन जब उसने अपनी मूल राशि और मुनाफे का हिसाब मांगा तो उसे टालमटोल का सामना करना पड़ा। धीरे-धीरे उसे एहसास हुआ कि कॉलोनी और हिस्सेदारी से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां उससे छिपाई गई थीं।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव ने उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी। उसने दावा किया कि इसी तनाव के चलते 16 फरवरी 2026 को उसने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास भी किया था। हालांकि समय रहते उपचार मिलने से उसकी जान बच गई। मोइनुद्दीन का कहना है कि घटना से जुड़ा वीडियो और सुसाइड नोट भी उसके पास मौजूद है।
बुधवार को एसपी कार्यालय पहुंचे मंसुरी ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उसने डॉ. अनवर मेवाती और बबलू शेख पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की।
पीड़ित का यह भी आरोप है कि शिकायत के बाद उसे लगातार धमकियां मिल रही हैं। उसने पुलिस प्रशासन को पांच दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वह अपने परिवार सहित एसपी कार्यालय के बाहर धरना देने को मजबूर होगा।
अब यह मामला केवल निवेश विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि आर्थिक नुकसान, कथित धोखाधड़ी, आत्महत्या के प्रयास और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल सभी की निगाहें पुलिस जांच और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
